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Aditya L1 की सफल लांचिंग, पीएम मोदी बोले- वैज्ञानिकों ने अथक प्रयास जारी रहेंगे (Live Updates)

Updated: शनिवार, 2 सितम्बर 2023 (13:39 IST)
Aditya L1 Launching news : चंद्रयान के चांद पर उतरने के कुछ दिन बाद शनिवार को भारत ने अपने पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य L1’ को लांच कर दिया। भारत सोलर मिशन से जुड़ी हर जानकारी...

01:00 PM, 2nd Sep
-इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने इसरो टीम को बधाई दी।
-केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने दी बधाई।
-छत्तीसगढ़ के रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं मिशन आदित्य एल-1 के लॉन्च पर सभी को हार्दिक बधाई देता हूं।
-कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि दशकों की कड़ी मेहनत का फायदा मिला। कई बाधाओं के बाद हमें सफलता मिली। ऐतिहासिक उपलब्धि की लिए वैज्ञानिकों को नमन।

10:04 AM, 2nd Sep
श्रीहरिकोटा स्थित स्पेस सेंटर में आदित्य एल 1 की लांचिंग को लेकर दिखा बच्चों में उत्साह

09:50 AM, 2nd Sep
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) देश के पहले सूर्य मिशन के तहत ‘आदित्य एल1’ यान को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित करने के लिए तैयार। कुछ ही देर में होगी लांचिंग।

07:40 AM, 2nd Sep
श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से इसरो के रॉकेट पीएसएलवी c57 के माध्यम से आज सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर होगा प्रक्षेपण।

07:40 AM, 2nd Sep
सूर्य के अध्ययन के लिए ‘आदित्य एल1’ को धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर ‘लैग्रेंजियन-1’ बिंदु तक पहुंचने में 125 दिन लगेंगे। इसरो के अनुसार, सूर्य और पृथ्वी के बीच 5 लैग्रेंजियन बिंदु हैं और प्रभामंडल कक्षा में ‘एल1’ बिंदु से उपग्रह सूर्य को बिना किसी बाधा/बिना किसी ग्रहण के लगातार देखकर अध्ययन से जुड़ी जानकारियां प्रदान करेगा। ‘आदित्य एल1’ को सूर्य परिमंडल के दूरस्थ अवलोकन और ‘एल1’ पॉइंट सौर हवा का वास्तविक अवलोकन करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। 

07:39 AM, 2nd Sep
अंतरिक्ष यान में लगे कुल सात उपकरणों में से चार सीधे सूर्य को देखेंगे, जबकि शेष तीन ‘एल1’ बिंदु पर कणों और क्षेत्रों का वास्तविक अध्ययन करेंगे। शुरू में, ‘आदित्य-एल1’ अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा। इसे अधिक दीर्घवृत्ताकार बनाया जाएगा और बाद में इसमें लगी प्रणोदन प्रणाली का उपयोग करके अंतरिक्ष यान को लैग्रेंज बिंदु ‘एल1’ की ओर प्रक्षेपित किया जाएगा। जैसे ही अंतरिक्ष यान ‘एल1’ की ओर बढ़ेगा, यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकल जाएगा।

07:39 AM, 2nd Sep
‘आदित्य-एल1’ का प्राथमिक उपकरण ‘विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ’ (वीईएलसी) इच्छित कक्षा तक पहुंचने पर विश्लेषण के लिए जमीनी केंद्र को प्रतिदिन 1,440 तस्वीरें भेजेगा।

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