भाषा पर पकड़ से रोशन करियर की राह

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युवा वर्ग भाषा को दरकिनारा करके अपना पूरा ध्‍यान केवल विज्ञान और गणित जैसे विषयों पर केंद्रीत करते हैं, जिसके नतीजे में उनकी भाषा पर पकड़ कमजोर हो जाती है। अगर आप भी अपने स्‍कूली और में 'भाषा' को ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण नहीं मानते हैं। तब अपनी सोच को बदलिए, भाषा न केवल करियर निर्माण बल्कि व्‍यक्तित्‍व विकास का भी एक अहम हिस्‍सा है।

सौम्‍या भी स्‍कूल और ग्रेजुएशन के दौरान हिंदी और अंग्रेजी जैसे अनिवार्य विषयों को एक बोझ समझा करती थी। उसे लगता था कि इन विषयों को पढ़ने में समय देना, समय की बर्बादी है। जब ग्रेजुएशन के बाद एक नौकरी के लिए सौम्‍या को में भाग लेना पड़ा, तब उसे भाषाज्ञान की अहमियत महसूस हुई।

सौम्‍या की तरह ही कई लोग पढ़ाई के दौरान खासतौर पर ग्‍यारहवीं और बारहवीं के छात्र हिंदी, अंग्रेजी या किसी अन्‍य भाषा की पढ़ाई पर खास ध्‍यान नहीं देते। उन्‍हें लगता है कि इन विषयों में आसानी से पास हुआ जा सकता है।

यह सच है, कि इन विषयों में आसानी से उत्‍तीर्ण हुआ जा सकता है। यदि इन विषयों पर थोड़ा भी ध्‍यान दिया जाए, तो ये विषय स्‍कोरिंग में आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं। भाषा पर अच्‍छी पकड़ एक ओर आपके व्‍यक्तित्‍व में चार चांद लगाती है, वहीं आपके संवाद कौशल में वृद्धि भी करती है।

WD| पुनः संशोधित सोमवार, 30 अप्रैल 2012 (16:32 IST)
अच्‍छा बनाने के लिए भाषा पर अच्‍छी पकड़ होना बहुत जरूरी है। बहुत से युवाओं की स्‍कूल स्‍तर यह सोच होती है कि हिन्दी और अंग्रेजी जैसे विषयों में क्‍या रखा है, लेकिन यह सोच गलत है।
शुद्ध उच्‍चारण और शुद्ध लेखन मीडिया के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्‍छुक युवाओं के लिए तो अनिवार्य होता है। न्‍यूज रीडिंग और रेडियों जॉकी जैसे ग्‍लैमरस जॉब्‍ा के लिए भी भाषा पर पकड़ होना पहली शर्त होती है।


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