Govardhan puja
✕

वक्रासन

Written By WD
Updated: सोमवार, 10 मई 2010 (15:31 IST)
वक्रासन बैठकर करने वाले आसनों के अंतर्गत आता है। वक्र संस्कृत का शब्द है, वक्र का अर्थ होता है टेढ़ा, लेकिन इस आसन के करने से मेरुदंड सीधा होता है। हालाँकि शरीर पूरा टेढ़ा ही हो जाता है।

विधि : दोनों पैरों को सामने फैलाकर बैठ जाते हैं। दोनों हाथ बगल में रखते हैं। कमर सीधी और निगाह सामने रखें। दाएँ पैर को घुटने से मोड़कर लाते हैं और ठीक बाएँ पैर के घुटने की सीध में रखते हैं, उसके बाद दाएँ हाथ को पीछे ले जाते हैं, जिसे मेरुदंड के समांतर रखते हैं। कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद अब बाएँ पैर को घुटने से मोड़कर यह आसन करें।

इसके बाद बाएँ हाथ को दाहिने पैर के घुटने के ऊपर से क्रॉस करके जमीन के ऊपर रखते हैं। इसके बाद गर्दन को धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाते हैं और ज्यादा से ज्यादा पीछे की ओर देखने की कोशिश करते हैं।

WD
सावधानी : दाएँ पैर को जब घुटने से मोड़कर लाते हैं, तो बायाँ पैर घुटने की सीध में रखना चाहिए। पीछे रखा गया हाथ कोहनी से सीध ा रखते हुए मेरुदंड से 6 से 9 इंच के बीच में रखें। पेट और कमर के रोगी योग चिकित्सक की सलाह लें।

लाभ : इस आसन के अभ्यास से लीवर, किडनी, पेनक्रियाज प्रभावित होते हैं जिससे यह अंग निरोगी रहते हैं। स्पाइनल कार्ड मजबूत होती है। हर्निया के रोगियों को भी इससे लाभ मिलता है।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा है भारत

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

रूस दे रहा है नाटो को परमाणु हथियारों की धमकी, NATO कमांड केन्द्रों पर हो सकते हैं हमले

शारदीय नवरात्रि व्रत 2026: रोज-रोज साबूदाने की खिचड़ी खाने के 6 नुकसान

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?