सर्दियों में योग
सूक्ष्म व्यायाम व सूर्य नमस्कार
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बाद में श्वास पर ध्यान रखकर 12 सूर्य नमस्कार करे तो वह इस प्रकार की पीड़ा से मुक्ति पा सकता है। वहीं श्वसन के व्यायामों के पश्चात अनुलोम-विलोम, नाड़ी शुद्धि तथा भ्रामरी प्राणायाम करे तो उसकी जीवन शक्ति में वृद्धि होती है। अंत में लगभग पांच मिनट तक आंखें बंदकर ओंकार का लगातार उच्चारण करें।
सर्दियों के मौसम को हम स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानते हैं, इसलिए इस मौसम में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग प्राकृतिक चिकित्सा की ओर रुख कर रहे हैं। सनबाथ, स्टीमबाथ तथा मसाज इन दिनों काफी लाभ पहुंचाती है।
