रजा अलसानिया

लेखन के खुले आकाश में अरब महिलाएँ

अचानक उनकी आजादी पर पहरे लग गए। अगले कुछ वर्ष संकीर्णताओं की कैद में ही गुजरे। फिर रजा ने डेंटल सर्जन बनने का इरादा किया और 18 वर्ष की आयु में देश के एकमात्र डेंटल कॉलेज में भर्ती हो गईं। यहाँ उन्हें अपने से भिन्ना सामाजिक वर्गों तथा अलग जीवनशैली वाले लोगों से मिलने का मौका मिला। हालाँकि यहाँ लड़के-लड़कियाँ अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ते हैं, लेकिन इंटर्नशिप दोनों साथ-साथ ही करते हैं और इस प्रकार उन्हें आपस में मिलने-जुलने के अवसर मिल जाते हैं।



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