Monday, 20 July 2026
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
Newsletter
Views On Hindi
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
क्रिकेट
अन्य खेल
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
फीफा विश्वकप
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
श्रीमद्भगवद्गीता
Mon, 20 Jul 2026
Choose your language
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
क्रिकेट
अन्य खेल
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
फीफा विश्वकप
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
श्रीमद्भगवद्गीता
Notifications
×
Close
लाइफ स्टाइल
/
हिन्दी सीखें
/
हिन्दी पर विद्वानों के विचार
हिन्दी का 'रोमनीकरण' घातक है...
Wednesday,September 2, 2015
चेतन भगत के ख्याल पर चर्चा : देवनागरी का कोई विकल्प नहीं
रोमन में हिन्दी बनाम हिन्दी की हत्या
तकनीक के नाम पर भाषा को हानि न पहुंचाएं : बालेन्दु दाधीच
नादान चेतन भगत की नादान समझ!
क्या चेतन देवनागरी में अंग्रेज़ी उपन्यास लिख सकते हैं?
Friday, January 9, 2015
चेतन भगत के ख्याल पर हिन्दी प्रेमियों के विचार
Friday, January 9, 2015
हिन्दी के बारे में महापुरुषों के कथन
Friday, September 12, 2014
हिन्दी के बारे में विद्वानों के विचार
Thursday, September 19, 2013
मन की पुकार है हिन्दी में बात करें
Thursday, September 12, 2013
दो हाथ भी कैसे उठ गए?
Wednesday, August 7, 2013
क्या सचमुच अंग्रेज़ी हैं हम?
Tuesday, July 30, 2013
साहित्य : विद्वानों की नजर में
Monday, May 20, 2013
हिन्दी या हिंदी : बताएं क्या है सही?
Wednesday, January 30, 2013
हिन्दी के प्रति सम्मान जरूरी है
Monday, December 10, 2012
हिन्दी तकनीक के साथ चलने लगी है
Monday, December 10, 2012
next news
जरुर पढ़ें
मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार
Why Mosquito Bites Itch: मच्छर के काटने से होने वाली खुजली का कारण स्वयं काटना नहीं, बल्कि मच्छर की लार के प्रति शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया है। हिस्टामिन के निकलने से त्वचा पर लालिमा, सूजन और खुजली होती है। यहां जानिए मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है, इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है, हिस्टामिन की क्या भूमिका होती है और खुजली से राहत पाने के प्रभावी घरेलू व चिकित्सीय उपाय।
सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता
यह रही सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता: जब सावन की पहली बूंदें, धरती का आंचल छू जाती हैं। सूखी डालों पर हरियाली, जीवन की धुन गुनगुनाती हैं। काले-काले मेघ घिर आए, रिमझिम वर्षा गीत सुनाए। मोर पंख फैलाकर नाचे, प्रकृति खुशियों के दीप जलाए।
Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध
Shravan Month Essay in Hindi: भारतीय संस्कृति में श्रावण मास का विशेष महत्व है। सावन आते ही चारों ओर हरियाली छा जाती है, नदियां और तालाब भरने लगते हैं तथा वातावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना का सबसे प्रिय समय माना जाता है।
आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?
आज हमारे पास सुविधाएं अधिक हैं, लेकिन मन की शांति कम होती जा रही है। संपर्क बहुत हैं, लेकिन मन की बात कहने वाले लोग कम हैं। घर बड़े हो रहे हैं, पर साथ बैठने का समय घट रहा है। कमाई बढ़ रही है, लेकिन चिंताएं भी साथ-साथ बढ़ती जा रही हैं। समस्या आगे बढ़ने में नहीं है। चिंता तब शुरू होती है, जब गति बढ़ती जाए और दिशा पीछे छूट जाए; जब हम यह देखना भूल जाएं
बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ
Tea Time Snacks: मानसून के मौसम में ऐसे स्नैक्स सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं जो बाहर से कुरकुरे, अंदर से नरम और स्वाद में लाजवाब हों। यहां आपके लिये प्रस्तुत हैं पकौड़ों से लेकर कॉर्न फ्रिटर्स तक के कई मसालेदार स्नैक्स की ऐसी रेसिपीज, जिन्हें आप घर पर कम समय में आसानी से तैयार कर सकते हैं।
वीडियो
और भी वीडियो देखें
नवीनतम
कविता: लाल किला तुझे सलाम
देश की राजधानी दिल्ली में, यमुना के तट पर अडिग अविचल चुपचाप खड़ा है लाल किला। इस्लामी फ़ारसी तैमूरी और हिन्दू शैलियों की मिली जुली वास्तुकला का बेजोड़ नमूना यह किला बलुआ लाल पत्थरों की चादर से खुद को ढांपे अपने जख्मों को छुपाए हंसता हुआ मिलता है अपने दर्शनार्थियों-सैलानियों से ...
Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध
Friendship Day Essay: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में रिश्तों की अहमियत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। इन्हीं रिश्तों में सबसे खूबसूरत और अनमोल रिश्ता दोस्ती का होता है। दोस्त वह होता है जो बिना किसी स्वार्थ के हर सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है। इसी पवित्र और अटूट रिश्ते को सम्मान देने के लिए हर वर्ष फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है।
ये हमारी कहानी नहीं हैं, हमारी कहानी कुछ और है, जिसे हमें खोजना है
जैसे-जैसे हम में संविधान के मूल्य और अधिकारों की समझ बढ़ने लगती है, हम अधिक बेहतर इंसान और बेहतर भारतीय नागरिक बनने की तरफ बढ़ने लगते हैं। एक व्यक्ति अगर अपने अधिकार और खासतौर से संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक होगा तो वो बेहतर इंसान भी होगा। बेहतर इंसान और बेहतर नागरिक होना हर धर्म, संप्रदाय, जाति, वर्ग, लिंग सबसे से पहले आता है।
हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज
Liver Disease Symptoms: क्या आपने कभी अपनी हथेलियों के रंग या अपनी आंखों के सफेद हिस्से (स्केलेरा) पर बारीकी से गौर किया है? अक्सर हम हलकी लालिमा या आंखों के पीलेपन को थकान समझकर टाल देते हैं। लेकिन शरीर के ये छोटे-छोटे बदलाव असल में एक बहुत बड़ी चेतावनी हो सकते हैं।
सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता (फिर इंदौर) हमारा
Trip To London: मेरा कथन न तो आत्म मुग्धता है, न अतिशयोक्ति। हर किसी को अपनी माटी, अपना घर, अपने लोग पसंद होते हैं। वह उन सबके साथ सुविधाजनक स्थिति में होता है। फिर भी कोई तो ऐसी बात है कि सैकड़ों साल की गुलामी और लाखों सितम के बाद भी हमारे अभिमान के लिए एक वाक्य ही काफी है कि 'हस्ती मिटती नहीं हमारी'।
होम
धर्म संग्रह
Shorts
फोटो
Reels