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वास्तु अनुसार हाथी की प्रतिमा घर में रखने से क्या होता है?

गुरुवार,जून 4, 2020
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घर की किस दिशा में कौनसा वृक्ष, पेड़ या पौधा लगाना चाहिए और कौनसा नहीं यह जानना जरूरी है। यदि घर के आसपास नकारात्मक वृक्ष लगे हैं तो उससे जीवन में परेशानिया खड़ी होती है। आओ जानते हैं वृक्ष के वास्तु नियम।
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एक खूबसूरत बालकनी की चाहत किसकी नहीं होती है, जहां पर कुछ समय सूकून से बैठा जा सके। गर्मियों के मौसम में ठंडी हवा के मजे और सर्दियों की धूप सेंकने के लिए घर में एक अच्छी-सी बालकनी से ज्यादा बेहतरीन जगह तो कोई और हो ही नहीं सकती। लेकिन इसका मजा तब और ...
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23 मई को दुनिया भर में विश्व कछुआ दिवस मनाया जाता है। सन् 1990 में कछुओं की प्रजातियों को बचाने और उसकी रक्षा हेतु गैरलाभकारी संगठन अमेरिकन टॉर्ट्वायज रेस्क्यू (एटीआर) की स्थापना की गई थी।
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रातरानी का को चांदनी में कहते हैं। रातरानी के फूल मदमस्त खुशबू बिखेरते हैं। इसकी खुशबू बहुत दूर तक जाती है। इसके छोटे-छोटे फूल गुच्छे में आते हैं तथा रात में खिलते हैं और सवेरे सिकुड़ जाते हैं। इसलिए इसे रातरानी का पौधा कहते हैं। रातरानी का पौधा एक ...
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हम अपने कुछ खास मित्रों, परिवारजनों के साथ कुछ क्षण आनंद से गुजारना चाहते हैं, उस जगह को हम घर का मुख्य कक्ष, बैठक या ड्राइंग रूम कहते हैं।
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बांसुरी प्रकृ‍‍ति का एक अनुपम वरदान है। भगवान श्री कृष्ण को बांसुरी अतिप्रिय है। वे इसे हमेशा अपने साथ रखते हैं। घर में जहां देवता बैठे हो वहां एक सुंदर सी बांसुरी लाकर रखना चाहिए। आइए जानें बांसुरी के 10 रहस्य-
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मत्स्य पुराण के अनुसार वास्तु पुरुष की एक कथा है। देवताओं और असुरों का युद्ध हो रहा था। इस युद्ध में असुरों की ओर से अंधकासुर और देवताओं की ओर से भगवान शिव युद्ध कर रहे थे।
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वास्तु के अनुसार घोड़ों की तस्वीर जीवन में तरक्की तरक्की देने वाली होती है, लेकिन इसका किस दिशा और कहां पर लगाना चाहिए यह जानना बहुत जरूरी है। आओ जानते हैं इस संबंध में 5 खास जानकारी।
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अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्‍ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस बार यह 26 अप्रैल को मनाई जा रही है...आइए जानते हैं अक्षय तृतीया के दिन करने वाले कुछ वास्तु के उपाय…
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अक्षय तृतीया के द‌िन अगर वास्तु की इन 10 में से कोई एक चीज भी रख कर पूजन करें तो वर्ष भर सुख, संपन्नता बनी रहती है, घर के वास्तु दोष खत्म होते हैं, सफलता मिलने लगती है।
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पौराणिक जानकारी के अनुसार भगवान भोलेनाथ के पसीने से वास्तु पुरुष की उत्पत्ति हुई है। संपूर्ण वास्तु शास्त्र इन्ही पर केंद्रित माना जाता है। वास्तु पुरुष का प्रभुत्व सभी दिशाओं में व्याप्त है।
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हजार फनों वाले शेषनाग सभी नागों के राजा हैं। जो पहाड़ों सहित सारी पृथ्वी को धारण किए है।
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प्राणियों और पक्षियों में अनिष्ट तत्वों को काबू में रखने की अद्भुत शक्तियां होती हैं। इस ब्रह्मांड में व्याप्त नकारात्मक शक्तियों को निष्क्रिय बनाने की ताकत इन पालतू प्राणियों में होती है।
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रसोईघर अर्थात किचन को वास्तु अनुसार बनाना जरूरी है अन्यथा यह रोग, शोक और धन की बर्बादी का कारण बन सकता है। आओ जानते हैं इस संबंध में 10 खास बातें।
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लॉकडाउन के दौरान आप अपने घर को साफ-सुथरा रखने के साथ ही कुछ ऐसे कार्य भी करें जिससे घर में गृहकलह से बचकर प्रसन्न और खुशहाल रहें। आओ जानते है वास्तु के ऐसे ही 5 उपाय।
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आपका मकान यदि पश्चिम दिशा में है तो आप उस दिशा को अच्छे से रखें, क्योंकि पश्‍चिम दिशा का स्वामी शनि ग्रह है। इस दिशा के ग्रह से आयु, बल, दृढ़ता, विपत्ति, यश व नौकर-चाकरों का विचार किया जाता है। इस दिशा के दूषित या पीड़ित होने के अर्थ है कि कहीं इस ...
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घर का दरवाजा ही हमारी सुख, समृद्धि और शांति के द्वार खोलता है। यह टूटा फूटा, एक पल्ले वाला, त्रिकोणाकार, गोलाकार, वर्गाकार या बहुभुज की आकृति वाला, दरवाजे के भीतर वाला दरवाजा, खिड़कियों वाला दरवाजा आदि नहीं होना चाहिए। आओ जानते है द्वार सजाएं इन 5 ...
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14 प्रकार की महाविद्याओं के आधार पर 14 प्रकार की गणपति प्रतिमाओं के निर्माण से वास्तु जगत में तहलका मच गया है।
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अगर मंदिर लकड़ी का है तो इसे घर की दीवार से सटाकर न रखें। पूजाघर में देवताओं की दृष्टि एक-दूसरे पर नहीं पड़नी चाहिए। पढ़ें 8 काम की बातें...
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