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ऐसा होना चाहिए घर का फर्श, जानिए 10 वास्तु टिप्स

मंगलवार,फ़रवरी 18, 2020
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घर की किस दिशा में कौनसा वृक्ष, पेड़ या पौधा लगाना चाहिए और कौनसा नहीं यह जानना जरूरी है। यदि घर के आसपास नकारात्मक वृक्ष लगे हैं तो उससे जीवन में परेशानिया खड़ी होती है। आओ जानते हैं वृक्ष के वास्तु नियम।
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वास्तु शास्त्र के अनुसार आप जहां रहते हैं उस स्थान से ही आपका भविष्य तय होता है। यदि आप गलत जगह रह रहे हैं तो अच्छे भविष्य की आशा मत कीजिए। अत: हर व्यक्ति को यह जानना जरूरी है कि उसे कहां नहीं रहना चाहिए। जानिए संक्षिप्त में 5 निषेध जगहें।
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बैठकरूम (Living room) और अतिथि कक्ष (Guest room) में फर्क होता है। अतिथि कक्ष वास्तु के अनुसार कैसा होना चाहिए, कहां होना चाहिए और उसमें क्या क्या होना चाहिए आओ जानते हैं इस संबंध में 3 टिप्स।
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घर में या घर के बाहर कई तरह के वास्तु दोष हो सकते हैं। वास्तु दोष से कई तरह के रोग या शोक उत्पन्न होते हैं। अत: यदि आपका घर कार्नर का है, तीराहे, चौराहे पर है, दक्षिण दिशा का घर है या घर के अंदर किसी भी प्रकार से वास्तु दोष है तो आप उक्त 10 उपाय ...
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वास्तुशास्त्र में यह बताया गया है कि दीपक की लौ किस दिशा में होने पर उसका क्या फल मिलता है।
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घर में कौनसी तस्वीरें किस कक्ष में लगाएं और कौनसी नहीं इसका उल्लेख वास्तुशास्त्र में मिलता है। यदि आपका अपनी पत्नी या पति से कोई मनमुटाव चल रहा है तो यहां प्रस्तुत है शयनकक्ष में लगाने वाली 5 तस्वीरों की जानकारी।
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यह एक वैज्ञानिक तथ्‍य है कि वायु जब औष‍धीय पौधों के बीच होकर गुजरती है तो उसके जीवनदायिनी ऊर्जा के प्रभाव में वृद्धि हो जाती है। यह शोधित व सुगंधित वायु जब घर के आंगन, ड्योढ़ी, लॉबी आदि स्थानों तक पहुंचती है, तो वहां रहने वालों का स्वास्थ्य उत्तम ...
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तिजोरी के कमरे का सर्वोत्तम रंग पीला है। इससे धन वृद्धि होती है। उत्तर दिशा का प्रमुख देवता कुबेर है। बुधवार को सुबह या शाम तिजोरी की पूजा अवश्य करनी चाहिए।
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आज मुख्य रूप से हम भवन निर्माण में ईशान कोण के महत्त्व पर कुछ जानकारियां अपने पाठकों को देंगे। वर्तमान युग में भोजन व वस्त्र के उपरांत भवन प्रत्येक व्यक्ति का सपना होता है।
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हनुमानजी के आपने बहुत सारे चित्र देखें होंगे। जैसे, हवा में उड़ते हुए, पर्वत उठाते हुए या रामजी की भक्ति करते हुए। आज हम आपको बताते हैं हनुमानजी के उन चित्रों के बारे में जिन्हें घर में लगाने से मिलता है अपार लाभ।
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घर के दरवाजे बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। प्रत्येक दिशा का दरवाजा लाभ के साथ नुकसान भी देता है। हालांकि परंपरागत अनुभव के आधार पर कहा जा सकता है कि उत्तर, ईशान और पूर्व मुखी मकान ही शुभ फलदायी होते हैं। फिर भी जान लेकिन कि कौन सी दिशा का दरवाजा क्या ...
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शयन कक्ष अर्थात बेडरूम हमारे निवास स्थान की सबसे महत्वपूर्ण जगह है। इसका सुकून और शांतिभरा होना जरूरी है। कई बार शयन कक्ष में सभी तरह की सुविधाएं होने के कारण भी चैन की नींद नहीं आती। कई बार कोई मुद्दा नहीं होता फिर भी पति पत्नी के बीच टेंशन बनी ...
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वास्तु शास्त्र और हिन्दू धर्म में ईशान कोण को बहुत महत्व दिया जाता है। कहते हैं कि सभी देवताओं का निवास स्थान धरती की ईशान दिशा में ही है। इसे भगवान शिव की दिशा भी माना जाता है। ईशान कोण में धरती का आकाश ज्यादा खुला और उजला नजर आता है। आओ जानते हैं ...
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प्राचीन काल में घर वास्तु अनुसार बनाए जाते थे और उसको अच्छे से सजाया जाता था। उनमें वास्तु दोषों के शमन के लिए वास्तु अनुसार चित्र, नक्काशी, बेल-बूटे, मनोहारी आकृतियों आदि का उपयोग किया जाता था। हालांकि अब वैसे घर तो बनते नहीं है लेकिन यदि आप वास्तु ...
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घर में ऐसी कई वस्तुएं होती हैं जो कि नकारात्मकता तो फैलाती ही है साथ ही हमारा दिमाग भी बदल देती है जिसके चलते अच्छे भले दिन बुरे दिन में बदल जाते हैं। आओ भारतीय वास्तुशास्त्र अनुसार जानते हैं ऐसी ही 10 नकारात्मक वस्तुओं के बारे में संक्षिप्त में।
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तवा और कढ़ाई राहु का प्रतिनिधित्व करते हैं। रसोई को साफ रखें। यदि कोई महिला गंदे तवे या फिर गंदी कढ़ाई को इस्तेमाल में लाती हैं तो इसका सीधा प्रभाव उसे पति पर पड़ता है
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आपका बच्चा जिस क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहा है, उस करियर में उच्च सफलता प्राप्त व्यक्तियों के चित्र अथवा पेंटिंग्स भी आप अपने बच्चों के कमरे में लगा सकते हैं। यदि बच्चा छोटा हो, तो कार्टून आदि की पेंटिंग्स लगाई जा सकती है।
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वास्तु अनुसार कुछ बातों को ध्यान में रखकर स्टडी रूम यानी अध्ययन कक्ष में सकारात्मक ऊर्जा की बयार बहा सकते हैं जिससे हर क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्चतम सफलता मिल सकती है। जैसे :-
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रसोईघर (उत्तर-पूर्व) में भूल से भी नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि इससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। साथ ही खान-पान का खर्चा भी कई गुना बढ़ सकता है और अपव्यय की स्थिति बन सकती है।
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