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वास्तु अनुसार घर को इन 20 तरीके से बनाएं भाग्यवर्धक

मंगलवार,अक्टूबर 13, 2020
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वास्तुशास्त्र में यह बताया गया है कि दीपक की लौ किस दिशा में होने पर उसका क्या फल मिलता है।
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इस बार अगर आप नवरात्रि के त्‍योहार को वास्‍तु के संग मनाएंगे तो सोने पे सुहागे वाली कहावत चरितार्थ होगी। आपको ज्‍यादा कुछ नहीं करना है, बस देवी मां के रूपों के अनुसार ही उनकी दिशा में अगर
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घर में किस दिशा में क्या होना चाहिए. अक्सर इस संबंध में लोग जानता चाहते हैं कि वास्तु अनुसार घर के भीतर 8 दिशाओं में से किस दिशा में कौन सा सामान रखना चाहिए? कहीं ऐसा तो नहीं है कि कोई सी वस्तु गलत जगह या दिशा में रखी हो जिसके चलते नुकसान हो रहा हो? ...
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घर की छत कई प्रकार की होती है। जब हम छत की बात कर रहे हैं तो इसका मतलब यह कि एक तो आपके रूम के भीतर की छत जहां पंखा आदि लगा होता है और दूसरा वह छत जिसे गच्ची या उपरी छत कहते हैं। आओ जानते हैं कि घर की उपरी छत कैसी होना चाहिए।
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दीपावली के पहले घरों की रंगाई-पुताई करवा रहे हैं, तो यह टिप्स आपको जरूर जानना चाहिए। घर की साज-सज्जा एवं रंग-रोगन के लिए दिशा के अनुसार चुनें इन 5 समृद्धदिायक रंगों को, और पाएं वर्ष भर खुशहाली व सुख-समृद्धि। जानें कैसे करें रंगों का चुनाव...
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दिन-पर-दिन हम तनाव और अशांति का शिकार हो रहे हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे सरलतम उपाय जिनसे जिंदगी में प्यार, पैसा, खुशी और शांति बनी रहे।
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फेंगशुई में वू लू बेटियों की बेहतर सेहत और लंबी उम्र के लिहाज से बनाया गया है।
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घर या ऑफिस में हमारे आसपास बह रही नकारात्मक ऊर्जा से बचने के कई ऐसे उपाय होते हैं, जो हम आसानी से आजमा सकते हैं।
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घर के कई हिस्सों में वास्तु दोष हो सकता है जिनमें मुख्य दरवाजा भी है। आइए जानते हैं मुख्य दरवाजे से जुड़े हुए कुछ वास्तु दोष
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क्या आप अपने नए घर को पेंट करवाने का सोच रहे हैं? या अपने पुराने आशियाने को ही नई रंगत देकर नया लुक देना चाहते हैं? यदि हां, तो आपकी घर की दीवारों को पेंट करवाने से पहले ये जरूर जान लीजिए कि किन रंगों से महकेगा आपका आशियाना...
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जब हम गृह प्रवेश करते हैं तो नई आशा, नए सपने, नई उमंग स्वाभाविक रूप से मन में हिलोर लेती है। आइए जानें 20 जरूरी बातें जो आपको नए घर में प्रवेश के समय याद रखनी चाहिए।
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आइए जानें वास्तु के अनुसार कि कौन सा उपहार नए घर के लिए शुभ होता है।
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बैठक रूम को स्वागत कक्ष, ड्राइंग रूम या लिविंग रूम कहते हैं जबकि जहां मेहमान को ठहराया जाता है, उसे अतिथि कक्ष या गेस्ट रूम कहते हैं। हमारे बैठक रूम से ही हमारी पहचान बनती है। बैठक रूम हमारी हैसियत, व्यक्तित्व और विचारों को दर्शाता है। इसके अलावा ...
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रंगों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। वैज्ञानिकों के अनुसार रंग तो मूलत: पांच ही होते हैं- कला, सफेद, लाल, नीला और पीला। काले और सफेद को रंग मानना हमारी मजबूरी है जबकि यह कोई रंग नहीं है। इस तरह तीन ही प्रमुख रंग बच जाते हैं- लाल, पीला और नीला। ...
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द्वार की चौखट के नीचे वाली लकड़ी या पत्थर जो ज़मीन पर रहती है उसे आम बोलचाल की भाषा में देहरी, देहली और डेली कहते हैं परंतु सही शब्द है दहलीज़ या डेहरी। इसे द्वारपिंडी, ड्योढ़ी, बरोठा भी कहते हैं। वास्तु शास्त्र में इसका बहुत महत्व है। आओ जानते हैं ...
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बेडरूम यानी शयन कक्ष वह कमरा होता है जहां आप अपनी दुनिया भर की चिंताएं भूल कर शांति से आराम और दांपत्य जीवन में प्यार घोलना चाहते हैं। लेकिन कई बार आपको पता नहीं है कि बेडरूम में रखी कुछ चीजें आपकी शांति में बाधक बन रही हैं।
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स्तुत हैं वास्तु के अनुसार 13 ऐसी बातें जो हम सबको जरूर पता होना चाहिए। अगर आप भी अपने जीवन को सुख, शांति और सफलता से भरपूर बनाना चाहते हैं तो अवश्य अपनाएं।
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लोग नहाने के बाद बाथरूम गंदा ही छोड़ देते हैं या बिना वजह पानी की बर्बादी करते हैं। ये आदत ज्योतिष के नजरिए से दुर्भाग्य बढ़ाने वाली है। इसकी वजह से चंद्र और राहु-केतु के दोष बढ़ते हैं।
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लक्ष्मणा का पौधा मिलना बहुत दुर्लभ है परंतु यदि प्रयास किया जाए तो मिल भी जाता है। यह बेल की तरह होता है और इसके पत्ते पान या पीपल के पत्ते की तरह होते हैं। गांव में इसे गूमा कहते हैं और वैद्यवर्ग इसे लक्ष्मण बूटी कहते हैं। कई विद्वान इसे अपराजिता ...
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