ramcharitmanas
✕

मथुरा के मंदिरों में कब मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्‍टमी?

Updated: सोमवार, 11 अगस्त 2025 (09:31 IST)
Mathura Krishna Janamashtami : मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर व वृन्दावन के ठा. बांकेबिहारी मंदिर सहित सभी प्रमुख मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव (जन्माष्टमी) इस वर्ष 16 अगस्त की मध्य रात्रि को तथा नन्दगांव में 17 अगस्त की रात्रि में मनाया जाएगा।
 
जिलाधिकारी (डीएम) चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर 42 लाख श्रद्धालु मथुरा पहुंचे थे, लेकिन इस वर्ष अनुमान है कि यह आंकड़ा 50 लाख के भी पार जा सकता है।
 
उन्होंने बताया कि मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, गोकुल, नन्दगांव, गोवर्धन, महावन आदि सभी तीर्थस्थलों पर इसी हिसाब से तैयारियां की जा रही हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं संरक्षा के इंतजाम भी व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं।
 
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर में ही निगरानी के लिए 150 सीसीटीवी कैमरों का इंतजाम किया गया है और बाहरी क्षेत्र में भी सौ से अधिक कैमरे निगरानी कार्य में प्रयोग किए जाएंगे। इस बार श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र की निगरानी में कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीक युक्त ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया जाएगा।
 
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित सभी प्रमुख मंदिरों, संवेदनशील स्थानों आदि सहित शहर में सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
शहर में साफ-सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, मार्गों का सौंदर्यीकरण, चौराहों की सजावट आदि का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
 
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि इस वर्ष श्री कृष्णोत्सव पर्व तीन दिन (15 से 17 अगस्त तक) मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत 15 अगस्त की सुबह 10 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार से शोभायात्रा के साथ होगी। यह यात्रा परम्परागत रूप से पोतरा कुण्ड, गोविंद नगर, डीग गेट से होते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार पर ही सम्पन्न हो जाएगी।
 
उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में धर्म-आध्यात्म के साथ स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीयता का भी समावेश किया जाएगा। शोभायात्रा में ब्रज के साथ बुंदेलखंड, राजस्थान और हरियाणा के लगभग 250 लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। ये कलाकार बुंदेलखंड का राई नृत्य, राजस्थान का कच्ची घोड़ी नृत्य, हरियाणा का गूजरी नृत्य आदि का प्रदर्शन करते हुए निकलेंगे।
 
ब्रज के कलाकर बम्ब नगाड़े, ढोल, बीन, शहनाई, डमरू-मजीरा पर अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही शोभायात्रा में मान मंदिर बरसाना, इस्कान वृन्दावन सहित विभिन्न मंदिरों की भजन मंडलियां भी भक्ति रस बिखेरेंगी।
 
इस मौके पर ठा. बांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन की ओर से अपील की गई है चूंकि जन्माष्टमी के अवसर पर वृन्दावन में आने वाले श्रद्धालुओं का अत्यधिक दबाव रहेगा, इसलिए ऐसे में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना अथवा विपरीत परिस्थिति से बचने के लिए बीमार व्यक्तियों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, रक्तचाप व शर्करा के मरीजों को साथ न लाएं। (भाषा)
edited by : Nrapendra Gupta 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

ECI के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की याचिका, SIR में गड़बड़ी के आरोप, INDIA Bloc का मार्च

Economics Nobel 2026: रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को अर्थशास्त्र का नोबेल, आर्थिक स्थिरता पर शोध के लिए मिला सम्मान

Electric Scooter : नया सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, 250KM तक की रेंज का दावा, फीचर्स भी कमाल के

दिल्ली मेट्रो में सीट विवाद में हत्या, पूर्व IAS और वकील बेटा गिरफ्तार

शिवराज सिंह चौहान ने किसे कहा 'नरपिशाच' और क्यों मोहन यादव सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे पूर्व सीएम?

सभी देखें

Electric Scooter : सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ रोजाना का सफर होगा आसान, मिलेगी 130 KM की रेंज, जान लीजिए दूसरे फीचर्स

शिवराज के बाद कोसमी में कार्तिकेय की हुंकार, अधिकारियों को आपसे टकराने से पहले हमसे टकराना होगा

Vande Bharat Sleeper Train : अब 24 कोच वाली ट्रेन में होगा सफर, 1,224 यात्रियों को मिलेगी जगह, जानिए हॉट शॉवर और पैंट्री समेत सभी सुविधाएं

गांधीनगर मनपा चुनाव परिणाम: 44 में से 38 सीटें जीतकर बीजेपी ने लगाई हैट्रिक, कांग्रेस ने 5 सीटें जीतकर बचाई साख

पीयूष गोयल बोले- चुनाव में मदद के बदले कांग्रेस देती थी बड़े पद, अब संवैधानिक संस्थाओं को कर रही है बदनाम

अगला लेख