Bikeru scandal: जेल में बंद 30 आरोपियों पर हुई गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई

Author अवनीश कुमार| Last Updated: शनिवार, 24 अक्टूबर 2020 (10:29 IST)
कानपुर। के में के अंतर्गत 2 व 3 जुलाई की मध्यरात्रि हुए में का दौर अभी भी जारी है। जहां शुक्रवार को कानपुर देहात के जिलाधिकारी ने बिकरू कांड में आरोपित गुड्डन त्रिवेदी के शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण का आदेश जारी किया है तो वहीं शुक्रवार देर रात कानपुर पुलिस ने बिकरू कांड में शामिल 30 अन्य आरोपियों के खिलाफ के तहत कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया है।
मिली जानकारी के अनुसार कानपुर में थाना चौबेपुर की पुलिस ने शुक्रवार की देर रात बिकरू कांड में शामिल अन्य 30 आरोपियों पर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। इसकी जानकारी एसपी ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने देते हुए बताया कि 2 व 3 जुलाई की मध्यरात्रि ग्राम बिकरू में दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमला करने वाले अन्य 30 आरोपियों के ऊपर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत थाना चौबेपुर में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
जिनके ऊपर शुक्रवार देर शाम गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है, उनमें मुख्य रूप से राहुल, जहान, दयाशंकर, शशिकांत, शिव तिवारी, श्यामू बाजपेयी, छोटू शुक्ला, विष्णु पाल उर्फ जिलेदार, रामसिंह यादव, रामू बाजपेयी, गोपाल सैनी, सुरेश वर्मा, अरविन्द त्रिवेदी उर्फ गुड्डन त्रिवेदी, शिवम दुबे उर्फ दलाल, उमाकांत उर्फ गुड्डन उर्फ बउआ, शिवम दुबे, बाल गोविंद, संजय दुबे, मनीष, धीरज उर्फ धीरू, सोनू उर्फ सुशील तिवारी, अखिलेश दीक्षित, रमेश चन्द्र, गोविंद सैनी, नन्हू यादव, बल्लू मुसलमान, राजेन्द्र कुमार, जयकांत बाजपेयी और प्रशांत शुक्ला व एक अन्य को शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसी के साथ पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अपराधी विकास दुबे समेत 6 आरोपियों को भी शामिल किया गया है और अब तक कुल 36 आरोपियों के ऊपर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई को लेकर एसएसपी/ डीआईजी कानपुर ने बताया कि थाना चौबेपुर के ग्राम बिकरू में जघन्य हत्याकांड के संबंध में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना की गई एवं मा. न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया जिसमें अग्रिम कार्रवाई करते हुए 30 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है कि 2 व 3 जुलाई की मध्य रात्रि शातिर अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए बिल्हौर सीओ देवेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम दबिश देने के लिए गई थी। इस दौरान शातिर अपराधी विकास दुबे के साथियों ने घेराबंदी कर पुलिस टीम के ऊपर फायरिंग कर दी थी जिसमें मौके पर ही 8 पुलिसकर्मी मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे और लगभग 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल भी हुए थे।



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