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योगी सरकार में ओबीसी छात्रों को बड़ी मदद, 36 लाख से अधिक को मिली छात्रवृत्ति

Updated: मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 (19:55 IST)
- हाईस्कूल-इंटरमीडिएट से लेकर एमबीबीएस, बीटेक, एमबीए के छात्रों को भी मिल रही छात्रवृत्ति
- पूर्वदशम और दशमोत्तर योजना से बदली शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर
-  छात्र-छात्राओं के अलावा ट्रांसजेंडर को भी मिल रहा योजना का लाभ
Uttar Pradesh News : योगी सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में वर्ष 2025-26 में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 36 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। खास बात यह है कि इस योजना में छात्र-छात्राओं के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय को भी शामिल कर सरकार ने समावेशी विकास का उदाहरण पेश किया है।
 
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। जिन छात्रों के अभिभावकों की वार्षिक आय 2 लाख रुपए या उससे कम है, उन्हें इस योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में पिछड़ा वर्ग के 36,75,294 छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई है। इस तरह यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योगी सरकार की नीतियां समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं।
 

पूर्वदशम योजना में लाखों को सीधा लाभ

पूर्वदशम (कक्षा 9-10) छात्रवृत्ति योजना के तहत 8,88,863 छात्रों के बैंक खातों में कुल 219.64 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। इनमें 4,58,585 छात्राएं, 4,30,275 छात्र और 3 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इस योजना के तहत छात्रों को 150 रुपए प्रति माह (अधिकतम 10 माह) और 750 रुपए वार्षिक अनुदान सहित कुल 2250 रुपए तक की सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
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दशमोत्तर योजना: उच्च शिक्षा को मिला बड़ा संबल

यह योजना इंटरमीडिएट से लेकर उच्च शिक्षा और प्रोफेशनल कोर्स तक को कवर करती है। बीटेक, एमबीबीएस, एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ बीए, बीएससी, बीकॉम, आईटीआई और पॉलिटेक्निक जैसे पाठ्यक्रमों को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का रास्ता आसान हुआ है। 
 

27 लाख से ज्यादा छात्रों को मिली छात्रवृत्ति

दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 11-12 और उच्च शिक्षा के कुल 27,86,431 छात्रों को 2882.02 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है। जिसमें कक्षा 11-12 के 4,72,764 छात्राओं को छात्रवृत्ति दी गई। जबकि 3,80,667 छात्र और 2 ट्रांसजेंडर को छात्रवृत्ति दी गई है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा में 10,01,084 छात्राएं, 9,31,906 छात्र और 8 ट्रांसजेंडर को छात्रवृत्ति दी गई है। दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में बड़ी संख्या में छात्राएं, छात्र और ट्रांसजेंडर शामिल हैं, जिससे यह योजना व्यापक स्तर पर प्रभाव डाल रही है। 
 

योजना के तहत कोर्स ग्रुप के अनुसार दी जाती है छात्रवृत्ति

कोर्स ग्रुप-1 में बी.टेक, एम.बी.ए. और एम.बी.बी.एस. कोर्स शामिल है। जिसमें दिवा छात्रों (डे स्कॉलर) को 56,600 रुपए और छात्रावासीय छात्रों (हॉस्टलर) को 64,400 रुपए वार्षिक दिए जाते हैं। जबकि ग्रुप-2 में एमएससी, एमए, बीबीए, पीजी डिप्लोमा शामिल है। इसमें दिवा छात्रों को 36,360 रुपए और छात्रावासीय छात्रों को 39,840 रुपए मिलते हैं। ग्रुप-3 में बीए, बीएससी और बीकॉम शामिल है। जिसमें दिवा छात्रों को 23,600 रुपए और छात्रावासीय छात्रों को 26,840 रुपए वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
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पॉलिटेक्निक के छात्रावासीय छात्रों को मिलती है 14,560 रुपए छात्रवृत्ति

ग्रुप-4 में इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक कोर्स शामिल है। इसमें छात्रों को अलग-अलग दरों पर सहायता दी जाती है। आईटीआई और पॉलिटेक्निक के दिवा छात्रों को 12,760 रुपए और छात्रावासीय छात्रों को 14,560 रुपए वार्षिक छात्रवृत्ति मिलती हैं। वहीं कक्षा 11 के दिवा छात्रों को 3,225 रुपए और छात्रावासीय छात्रों को 5,025 रुपए, जबकि कक्षा 12 के दिवा छात्रों को 3,290 रुपए और छात्रावासीय छात्रों को 5,090 रुपए वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है।
 

पारदर्शी व्यवस्था और सीधे खाते में पैसा

योगी सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। छात्रों को छात्रवृत्ति प्रबंधन प्रणाली की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है और धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। दशमोत्तर छात्रवृत्ति में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक पाने वाले उच्च शिक्षा के छात्र छात्रवृत्ति के लिए पात्र है। जबकि कक्षा 9 से 12 तक के सभी पिछड़ा वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है।
 

कोई भी पात्र छात्र शिक्षा से वंचित न रहे

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक (आईएएस) उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाएं पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। वर्ष 2025-26 में 36 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर कोई भी पात्र छात्र शिक्षा से वंचित न रहे। छात्रवृत्ति की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है और धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। छात्रों से अपील है कि वह निर्धारित समय में ऑनलाइन आवेदन करें और योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
Edited By : Chetan Gour
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