भाजपा ने ही उड़ाई मोदी की नसीहत की धज्जियां

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिन पहले ही नसीहत दी थी कि पार्टी नेता अपने रिश्तेदारों के लिए टिकट न मांगें। लेकिन भाजपा ने सोमवार को उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 के लिए उम्मीदवारों की जो पहली सूची जारी की, उसमें अपनों को खूब टिकट मिले। बीजेपी ने दूसरे दलों से पाला बदलकर पार्टी में शामिल होने वाले कई नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है।
उत्तराखंड में भी छाया परिवारवाद : उत्तराखंड में भाजपा ने पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के पुत्र सौरभ बहुगुणा को टिकट दिया है, जो कांग्रेस से पार्टी में शामिल हुए। सोमवार को भाजपा में शामिल होने वाले प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष यशपाल आर्य और उनके पु़त्र संजीव आर्य को टिकट दिया गया है। इसके अलावा केदार सिंह रावत को भी पार्टी ने टिकट दिया है। पार्टी ने पूर्व सांसद सतपाल महाराज को भी टिकट दिया है, जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा ने रानीखेत से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट को टिकट दिया है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी की पु़त्री ऋतु खंडूरी भूषण को टिकट दिया गया है।
 
उत्तरप्रदेश में भी अपनों को टिकट : पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह को अतरौली से टिकट दिया गया है। हालांकि केंद्रीय मंत्री एवं उत्तरप्रदेश के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह के नाम पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है, क्योंकि इस सूची में पंकज सिंह का नाम नहीं है।
 
दलबदलुओं पर भाजपा मेहरबान : उत्तरप्रदेश की पहली लिस्ट में सबसे ज्यादा मेहरबानी पार्टी ने दलबदलुओं पर दिखाई है। बलदेव सीट पर लोकदल से आए पूरन प्रकाश को टिकट मिला है। महज 24 घंटे पहले सपा छोड़कर पार्टी में आई पक्षालिका सिंह को बीजेपी ने बाह (आगरा के पास) से पार्टी प्रत्याशी बनाया है। बीएसपी से पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हुए महावीर राणा को बेहट से और धर्मसिंह सैनी को नकुट से उम्मीदवारी दी गई है।
 
गंगोह से कांगेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले प्रदीप चौधरी को जबकि नहटोर से ओम कुमार को टिकट मिला है। ओम बीएसपी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। इसके अलावा बसपा से आए अरविंद गिरि, रोमी साहनी, बाला प्रसाद अवस्थी और रोशनलाल वर्मा को भी बीजेपी ने विधायक पद का टिकट दिया है।



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