Aaj ka sher Aziz Ansari | फिर भी तेरा करम बरसता है
दिल किसी शै को कब तरसता है,
लाख मुझ में बुराइयाँ लेकिन,
फिर भी तेरा करम बरसता है - अज़ीज़ अंसारी
लाख मुझ में बुराइयाँ लेकिन,
फिर भी तेरा करम बरसता है - अज़ीज़ अंसारी

