dharma sangrah
✕

शिक्षक दिवस पर रोचक कविता : साइकिल हाथ में, छाते के साथ में

Updated: गुरुवार, 5 सितम्बर 2019 (12:02 IST)
गफूर स्नेही 

 
साइकिल हाथ में 
छाते के साथ में 
कपड़े की थैली है 
उजली मटमैली है 
कंधे पर बैग है 
वही मंथर वेग है 
खाना-पानी संग है 
उड़ा हुआ रंग है 
अफसर से तंग है 
नीति कर्म में जंग है 
गांव तो चाहता है 
विभाग न चाहता है 
बदली की धमकी है 
सरपंच की घुड़की है 
बच्चे कहते हैं 
रोक देंगे रस्ते हैं 
माएं दुआ देती 
बहुए घूंघट लेती 
निवृत्ति में बरस 
चार बाकी बस 
प्रमोशन न चाहते 
ऊंचाई न चाहते 
ये जमीन आन की 
वे हांके आसमान की 
शिक्षक आधी सदी 
नेकी एक न बदी। 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

रूस दे रहा है नाटो को परमाणु हथियारों की धमकी, NATO कमांड केन्द्रों पर हो सकते हैं हमले

शारदीय नवरात्रि व्रत 2026: रोज-रोज साबूदाने की खिचड़ी खाने के 6 नुकसान

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

अगला लेख