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Share Bazaar में आई गिरावट, Sensex 182 अंक फिसला, Nifty भी टूटा
Share Market Update News : सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में गिरावट और अमेरिकी जवाबी शुल्कों को अपीलीय अदालत द्वारा अस्थाई रूप से बहाल किए जाने से शुक्रवार को एशियाई बाजारों में सुस्ती रही जिसके असर में स्थानीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 182.01 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,451.01 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 82.90 अंक यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 24,750.70 अंक पर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 320.70 अंक चढ़कर 81,633.02 अंक और एनएसई निफ्टी 81.15 अंक बढ़कर 24,833.60 अंक पर बंद हुआ था।
विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था के जीडीपी आंकड़े आने से पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से भी बाजार एक दायरे में बना रहा। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 182.01 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,451.01 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 346.57 अंक गिरकर 81,286.45 अंक पर आ गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 82.90 अंक यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 24,750.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के समूह में शामिल 30 कंपनियों में से 24 गिरावट के साथ बंद हुईं। सर्वाधिक 1.73 प्रतिशत गिरावट टेक महिंद्रा में दर्ज की गई जबकि एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, इन्फोसिस, नेस्ले, सन फार्मा और टाटा स्टील के शेयर भी नुकसान के साथ बंद हुए।
दूसरी तरफ, इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फिनसर्व के शेयरों में तेजी रही। जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, बाजार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रहा। ट्रंप प्रशासन की तरफ से लगाए गए जवाबी सीमा शुल्क को अमेरिकी अपीलीय अदालत द्वारा अस्थाई रूप से बहाल किए जाने से अनिश्चितता फैली और निवेशकों को दूर रहने के लिए प्रभावित किया।
नायर ने कहा कि घरेलू स्तर पर जीडीपी वृद्धि के ठोस आंकड़े आने और अगले हफ्ते नीतिगत ब्याज दर में रिजर्व बैंक की तरफ से एक और कटौती की उम्मीद में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी है। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 884.03 करोड़ रुपए मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,286.50 करोड़ रुपए के इक्विटी खरीदे।
मझोली कंपनियों के बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.39 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि छोटी कंपनियों से जुड़ा स्मालकैप सूचकांक 0.17 प्रतिशत चढ़ गया। क्षेत्रवार सूचकांकों में धातु खंड में सर्वाधिक 1.68 प्रतिशत की गिरावट रही। इसके अलावा बीएसई-केंद्रित आईटी खंड में 1.14 प्रतिशत, जिंस खंड में 1.14 प्रतिशत और उपयोगिता खंड में 1.09 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स में कुल 270.07 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि एनएसई निफ्टी 102.45 अंक यानी 0.41 प्रतिशत के नुकसान में रहा। मेहता इक्विटीज लिमिटेड में वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, कमजोर एशियाई संकेतों के बीच बाजार नकारात्मक दायरे में रहा और निवेशकों ने आईटी, धातु, तेल एवं गैस और वाहन शेयरों में बिकवाली को तरजीह दी।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 इंडेक्स, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग नकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोप के बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बृहस्पतिवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.44 प्रतिशत बढ़कर 64.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 320.70 अंक चढ़कर 81,633.02 अंक और एनएसई निफ्टी 81.15 अंक बढ़कर 24,833.60 अंक पर बंद हुआ था। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
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