• Webdunia Deals
  1. समाचार
  2. व्यापार
  3. शेयर बाजार
  4. Sensex down 949 points, Nifty also down
Written By
Last Updated : सोमवार, 6 दिसंबर 2021 (16:56 IST)

Omicron की दस्तक से सहमा सेंसेक्स, लगाया 949 अंक का गोता, निफ्टी में भी गिरावट

इंडसइंड बैंक में सर्वाधक करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही।

Omicron की दस्तक से सहमा सेंसेक्स, लगाया 949 अंक का गोता, निफ्टी में भी गिरावट - Sensex down 949 points, Nifty also down
मुंबई। बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 949 अंकों का गोता लगाकर 56,747.14 अंक पर बंद हुआ। ओमिक्रोन (Omicron) को लेकर चिंता के बीच चौतरफा बिकवाली से बाजार में गिरावट आई। 
 
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, देश में सप्ताहांत कोरोनावायरस (Coronavirus) के नए स्वरूप ओमिक्रोन के और मामले सामने आने से शेयर बाजारों में गिरावट आई।
 
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 949.32 अंक यानी 1.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56,747.14 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 284.45 अंक यानी 1.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,912.25 अंक पर बंद हुआ।
 
प्रमुख शेयरों में भी रही गिरावट : सेंसेक्स में शामिल सभी शेयर नुकसान में रहें। इंडसइंड बैंक में सर्वाधक करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही।
 
एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा कि बाजार में शुरुआत गिरावट के साथ हुई और दोपहर के कारोबार में बिकवाली तेज हुई। सभी खंडवार सूचकांक नुकसान में रहें।
 
उन्होंने कहा कि बाजार को रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा का इंतजार है। मंदड़ियों के हावी होने से निफ्टी 17 हजार के नीचे आया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली लगातार जारी है। हालांकि, घरेलू निवेशकों ने सोमवार को प्रमुख वित्तीय शेयरों में लिवाली की।
 
एशिया के अन्य बाजारों में चीन में शंघाई कंपोजिट, हांगकांग का हैंग सेंग और जापान का निक्की नुकसान में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में तेजी रही। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार के दौरान तेजी का रुख रहा।
 
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71.44 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
 
ये भी पढ़ें
ऐसे मिला था दुनिया का पहला ‘डेथ सर्ट‍िफि‍केट’ जिसमें मौत की वजह थी ‘वायु प्रदूषण’