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Last Modified: मुंबई , सोमवार, 23 मार्च 2026 (10:14 IST)

शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम, सेंसेक्स 1400 से ज्यादा टूटा, क्या करें निवेशक?

क्रूड, सोने, चांदी और रुपए में भी भारी गिरावट

share market 23 march
Share Market Crash : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम हो गए। सुबह 9.54 बजे सेंसेक्स में 1472 अंक टूटकर 73,060 पर थे, वहीं निफ्टी भी 484 अंकों की गिरावट के साथ 22,633 पर जा पहुंचा। बताया जा रहा है कि बाजार में आज सुबह आई भारी गिरावट के चलते निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। शेयरों में लगातार गिरावट से निवेशकों के मन में सवाल उठ रहा है कि  अपनी पोजिशन को होल्ड करें या शेयर बेंचकर बाजार से बाहर हो जाए।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज को 48 घंटे में खोलने की धमकी के बाद ईरान ने इसे पूरी तरह बंद करने की बात कही है। इससे दुनियाभर में तेल संकट गहराने की आशंका है। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 112 डॉलर के पार पहुंच गई। WTI क्रूड भी 98.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इंडियन बास्केट में भी आज क्रूड के दाम 156.3 डॉलर प्रति बैरल हो गए।
 
दुनिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से रुपया दबाव में है। आज शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 0.1 फीसदी की गिरावट के साथ 93.83 पर आ गया। यह रुपए का अब तक का सबसे निचला स्तर है। 
 
भारत ही नहीं पूरी दुनिया के शेयर बाजारों में हड़कंप मचा हुआ है। दक्षिण कोरिया का स्टॉक मार्केट खुलते ही करीब 6 फीसदी लुढ़क गया। जापान के स्टॉक मार्केट में भी चार फीसदी से अधिक की गिरावट दिखाई दे रही है।

निवेशकों में घबराहट से शेयरों का बुरा हाल

भयावह होते युद्ध की वजह से निवेशकों में घबराहट दिखाई दे रही है। NSE Nifty India Volatility इंडेक्स 10 फीसदी उछलकर 25.09 पर पहुंच गया। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर लाल निशान में है जबकि निफ्टी 50 के 48 शेयरों गिरावट हैं। टाटा स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और जेएसडब्ल्यू स्टील का बुरा हाल है। दूसरी ओर ओएनजीसी और एचसीएल टेक में तेजी आई है। 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

शेयर बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय ने कहा कि शेयर बाजार में इन दिनों भारी उठापटक की स्थिति बनी हुई है। इस स्थिति निवेशकों को पोजिशन हल्की रखनी चाहिए और बाजार की स्थिति के अनुसार ही फैसला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रुपए की मजबूती और ब्रेंट डॉलर के 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने पर ही बाजार में सुधार की संभावना है। 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
edited by : Nrapendra Gupta
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