प्रफुल्ल पटेल के कारण हुई फुटबॉल की फजीहत, 85 साल में पहली बार FIFA ने किया संघ को सस्पेंड

Last Updated: मंगलवार, 16 अगस्त 2022 (14:49 IST)
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पूर्व अध्यक्ष की लगातार दखलअंदाजी का खामियाजा भारतीय फुटबॉल को स्वतंत्रता दिवस के एक दिन बाद भोगना पड़ा।

तीसरे पक्ष द्वारा गैर जरूरी दखल बना कारण

विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संचालन संस्था फीफा ने तीसरे पक्ष द्वारा गैर जरूरी दखल का हवाला देकर (एआईएफएफ) को मंगलवार को निलंबित कर दिया और उससे अक्टूबर में होने वाले के मेजबानी अधिकार छीन लिए।

85 साल में पहली बार भारतीय फुटबॉल के लिए आया काला दिन

यह पिछले 85 साल के इतिहास में पहला अवसर है जबकि फीफा ने एआईएफएफ पर प्रतिबंध लगाया। फीफा ने कहा है कि निलंबन तुरंत प्रभाव से लागू होगा।फीफा ने एक बयान में कहा ,‘‘फीफा परिषद के ब्यूरो ने सर्वसम्मति से अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को तीसरे पक्ष के अनुचित प्रभाव के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला किया है। तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप फीफा के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।’’

बयान में आगे कहा गया है, ‘‘निलंबन तभी हटेगा जब एआईएफएफ कार्यकारी समिति की जगह प्रशासकों की समिति के गठन का फैसला वापिस लिया जायेगा और एआईएफएफ प्रशासन को महासंघ के रोजमर्रा के काम का पूरा नियंत्रण दिया जायेगा।’’

कुर्सी से चिपके रहे प्रफुल्ल पटेल

एआईएफएफ में उनका तीसरा कार्यकाल दिसंबर 2020 में समाप्त होना था लेकिन वह उच्चतम न्यायालय के एक मामले पर आदेश के इंतजार में पद पर बने रहे जो 2017 से लंबित

था। उच्चतम न्यायालय ने दिसंबर 2020 से चुनाव नहीं करवाने के कारण 18 मई को प्रफुल्ल पटेल को एआईएफएफ के अध्यक्ष पद से हटा दिया था और एआईएफएफ के संचालन के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ए आर दवे की अध्यक्षता में तीन सदस्य प्रशासकों की समिति (सीओए) का गठन किया था।

सीओए को राष्ट्रीय खेल संहिता और दिशा निर्देशों के अनुसार एआईएफएफ के संविधान को तैयार करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।

सारे रास्ते नहीं हुए हैं बंद

फीफा ने हालांकि कहा कि उसने भारत के लिए सभी विकल्प बंद नहीं किए हैं और वह खेल मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहा है और उसे महिला जूनियर विश्व कप को लेकर सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है।फीफा ने कहा ,‘‘ इसके मायने हैं कि अंडर-17 महिला विश्व कप पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत में नहीं हो सकता । फीफा भारत के खेल मंत्रालय से लगातार संपर्क में है और सकारात्मक नतीजे तक पहुंचने की उम्मीद है ।’’

फीफा ने पांच अगस्त को एआईएफएफ को निलंबित करने और महिला अंडर-17 विश्व कप की मेजबानी छीनने की धमकी दी थी।

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने तीन अगस्त को एआईएफएफ की कार्यकारी समिति को सीओए द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराने के निर्देश दिए थे।चुनाव 28 अगस्त को होंगे तथा चुनाव प्रक्रिया 13 अगस्त से शुरू हो चुकी है। शीर्ष अदालत ने सीओए द्वारा तैयार की गई समय सीमा को मंजूर कर लिया था।



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