जीत के बाद मां की गोद में सूकून की नींद, हॉकी कप्तान मनप्रीत के इस फोटो ने फैंस का दिल जीता

पुनः संशोधित बुधवार, 11 अगस्त 2021 (20:34 IST)
1980 के मोस्को ओलंपिक के बाद कई ओलंपिक आए और गए नहीं बदला तो हॉकी के पदक की आस। धनराज पिल्ले हो या दिलीप तिर्की कई भारतीय कप्तान यह सपना संजोए थे कि वह ओलंपिक में भारत को गोल्ड नहीं तो सिल्वर या ब्रॉन्ज मेडल जिता पाएं। लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया।

कभी मेहनत ने साथ नहीं दिया तो कभी किस्मत में लेकिन अंत में हार का यह सिलसिला 41 साल और 9 ओलंपिक्स के बाद टोक्यो ओलंपिक्स में खत्म हुआ। कप्तान की मेहनत और किस्मत दोनों रंग लाई।

हालांकि भारत स्वर्ण पदक जीतने में नाकाम रहा लेकिन एक बेहद ही रोमांचक मुकाबले में जर्मनी टीम को 5-4
से हराकर जीतने में सफल रहा।

जीत के बाद पूरा भारत जश्न के रंग में डूब गया। कप्तान मनप्रीत सिंह ने खुद को बहुत सौभाग्यशाली माना होगा कि 41 साल तक पदक का इंतजार उनकी कप्तानी में खत्म हुआ।
आज जालंधर गांव मिट्ठापुर के निवासी मनप्रीत सिंह जीत का सुकून भरा पल अपनी मां के साथ बिताते हुए नजर आए।

हॉकी कप्तान मनप्रीत सिंह ने ट्विटर पर फोटो अपलोड किया जिसमे में वह अपनी मां की गोद में सिर रखकर सुकून का पल बिता रहे हैं वही उनकी मां के गले में ब्रोंज मेडल है।

कप्तान मनप्रीत सिंह ने यह फोटो ट्वीट कर कैप्शन में लिखा- "बस उसकी मुस्कान देखकर और यह जानकर कि उसे मुझ पर कितना गर्व है मेरे चेहरे पर भी मुस्कान आ जाती है -उसके बिना आज यहां नहीं होता।"
मनप्रीत सिंह और उनकी मां के बीच का यह प्यार देखकर ट्विटर पर उनके फैंस भावविहोर हो गए। कुछ ऐसे ट्वीट्स उनकी टाइमलाइन पर देखे गए।
गौरतलब है कि पुरुष हॉकी टीम का प्रदर्शन टोक्यो ओलंपिक में बेहतरीन रहा। टोक्यो ओलंपिक मे टीम सिर्फ 2 मैच हारी। भारत ने पहले मैच में न्यूजीलैंड को 3-2 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की हालांकि ऑस्ट्रेलिया से हुए अगले ही मैच में टीम को 1-7 से हार झेलनी पड़ी। लेकिन इसके बाद टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा अर्जेंटीना, जापान को हराकर टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंची और ग्रेट ब्रिटेन को मात दी।

इसके बाद बेल्जियम से सेमीफाइनल मुकाबला 2-5 से हारने के बाद टीम ने वापसी की और कांस्य पदक मैच में जर्मनी को 5-4 से हराया।
(वेबदुनिया डेस्क)



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