इतिहास बनाने वाले एथलीटों को नकद पुरस्कार

Last Updated: मंगलवार, 11 जुलाई 2017 (01:18 IST)
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने यहां सम्पन्न 22वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 12 स्वर्ण सहित कुल 29 पदक जीतकर इतिहास बनाने वाले सभी भारतीय एथलीटों को सोमवार को प्रदान किए।
भारतीय एथलीटों ने यहां कलिंग स्टेडियम में आयोजित इस चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक 29 पदक जीते। इन पदकों में 12 स्वर्ण, पांच रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत ने एशियाई महाशक्ति चीन को दूसरे स्थान पर छोड़ दिया।

भारतीय एथलीटों ने एशियाई चैंपियनशिप के इतिहास में सबसे अधिक 29 पदक हासिल किएजबकि इससे पहले उसने 1989 में दिल्ली में सर्वाधिक 22 पदक जीते थे। भारत ने सर्वाधिक 12 स्वर्ण भी जीते जबकि इससे पहले उसने 1985 में जकार्ता में 10 स्वर्ण जीते थे।

मुख्यमंत्री पटनायक ने यहां एथलीटों के सम्मान में आयोजित एक समारोह में प्रत्‍येक स्वर्ण पदक विजेता एथलीट को 10 लाख रुपए, प्रत्‍येक रजत पदक विजेता को 7.5 लाख रुपए तथा कांस्य पदक विजेता को पांच लाख रुपए की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की।

पुरस्कार विजेताओं में पुरुषों की 10 हजार मीटर और 5000 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले जी लक्ष्मणन तथा भाला फेंक स्वर्ण विजेता नीरज चोपड़ा शामिल थे। ओडिशा के लिए महिला धावक दुती चंद, श्रवाणी नंदा और पूर्णिमा हेमब्राम ने पदक जीते।
ओडिशा के खेलमंत्री चंद्र सारथी बेहेरा, भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के अध्यक्ष आदिल सुमारिवाला, दिग्गज एथलीट अनुराधा बिस्वाल, अंजू बाबी जार्ज समेत अन्य गणमान्य हस्तियां भी समारोह के दौरान मौजूद थीं।

मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए यह घोषणा की कि यहां जल्द ही कलिंग इंटरनेशनल स्पोर्ट्‍स सिटी का निर्माण किया जाएगा, जहां भविष्य में मेगा इंटरनेशनल टूर्नामेंटों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके अलावा कटक, बेहरामपुर, संभलपुर और राउलकेला में चार विश्वस्तरीय स्टेडियमों का निर्माण किए जाने की भी घोषणा की। (वार्ता)



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