सिलाईयुक्त गेंदों की शुरुआत

WD| पुनः संशोधित सोमवार, 4 जून 2007 (03:49 IST)
क्रिकेट में प्रयुक्त होने वाली किसी भी प्रकार की पहली गेंद सन्‌ 1561 में पेनहर्ट, केंट के ड्यूक परिवार ने बनाई थी। पहली सिलाईयुक्त गेंद भी सन्‌ 1775 में केंट में ही बनी थी। समय बदलने के साथ-साथ हाथ से सिली हुई गेंदों का प्रचलन कम हुआ और हाथों की जगह मशीनों ने ले ली।

सन्‌ 1810 में बनाया तीन स्टम्प का नियम - क्रिकेट में तीन स्टम्प रखने का नियम तो सन्‌ 1810 में ही बन गया था, लेकिन इसका प्रयोग 1876 से प्रारंभ हुआ। उस जमाने में गिल्लियाँ नहीं रखी जाती थीं, बल्कि तीन स्टम्प लगाकर खेल शुरू हो जाया करता था। गिल्लियाँ रखने की परम्परा काफी समय बाद प्रारंभ हुई।

क्रिकेट मैचों की पहली स्कोर बुक - क्रिकेट मैचों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का अंदाजा आपको स्कोर बुक से मिलता है। इंग्लैंड के सेवनोक क्लब के स्कोरर प्रैट ने क्रिकेट इतिहास की प्रथम स्कोर बुक सन्‌ 1776 में प्रकाशित की।
11 खिलाड़ियों को रखने की अनिवार्यता - क्रिकेट की शुरुआत जब अंग्रेजोंने की तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि कितने खिलाड़ी रखे जाएँ ? सन्‌ 1884 में खेले गए प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच से तय किया गया कि एक टीम में 11 खिलाड़ी हों, बस तभी से 11 खिलाड़ियों को मैच में रखने की परम्परा शुरू हो गई जो आज तक बरकरार है।

पगबाधा की शुरुआत - पगबाधा आउट किए जाने की परम्परा सन्‌ 1744 से ही प्रारंभ हो गई थी। वक्त बदलाव ने पगबाधा के नियमों को भी कई दफा बदला।



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