सिंहस्‍थ में शहीदों की शांति के लिए होगा 'महायज्ञ'

- आलोक 'अनु' आमतौर पर सिंहस्थ को अध्यात्म एवं संस्कृति का महापर्व कहा जाता है जिसमें आकर सभी ईश्वर प्राप्ति का मार्ग तलाशते हैं लेकिन इन सबके बीच एक शिविर ऐसा भी होगा जहां देशभर के शहीद हुए वीर सैनिकों को उनकी आत्मा की शांति के लिए उनके ही परिजन आहुतियां देंगे। सिंहस्थ 2016 में उज्जैन में शहीदों के परिजनों का भी कुंभ लगेगा। देशभर के शहीदों के ये परिजन महामंडलेश्वर बालक योगेश्वरदासजी महाराज (बद्रीनाथ वाले) द्वारा आयोजित किए जाने वाले अतिविष्णु में जुटेंगे।
 
इस महायज्ञ में एक महीने तक विशेष मंत्रोच्चार के द्वारा शहीदों की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ किया जाएगा। बालक योगेश्वरदाजी महाराज शहीदों की स्मृति में अब तक 24 महायज्ञ करवा चुके हैं और उज्जैन में सिंहस्थ में 25वां आयोजन होगा। महायज्ञ के लिए 100 कुंडीय 13 मंजिला यज्ञशाला बनकर लगभग तैयार हो गई है। इसमें महीनेभर तक 500 पुजारी शहीदों की आत्मशांति के लिए मंत्रोच्चार का जाप करेंगे। 
 
भूखी माता मंदिर के सामने बने कैंप में आयोजित किए जाने वाले महायज्ञ को लेकर देशभर के शहीद सैनिकों के परिजनों को आमंत्रित किया गया है। अध्यात्म के कुंभ में जहां सभी ईश्वर भक्ति व पाप-पुण्य के फेर में पड़ेंगे वहीं यही एकमात्र ऐसा शिविर होगा जहां से वीर सैनिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रयास किए जाएंगे। खास बात यह भी है कि पूरे पांडाल में ना केवल देशभक्ति का अलख जगाती गतिविधियां होंगी, बल्कि पूरे पांडाल को तिरंगे रंग की विद्युत रोशनी से सजाया जाएगा और पांडाल में लगने वाली लाइट्स प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरदास मान के सहयोग से लगाई जाएगी।
24 में से 6 महायज्ञ पाकिस्तान की बार्डर पर 
महाराज के शिष्य संत बिल्लोरियाजी ने चर्चा में  बताया कि महाराज अब तक शहीदों की याद में 24 महायज्ञ करवा चुके हैं। इनमें से 6 महायज्ञ पाकिस्तान से लगी आरएसपुरा, सुचेतगढ़, अस्टनूर, अरनिया बार्डर व सांभा सेक्टर पर करवाए हैं। हाल ही में 24 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर ग्रास में महायज्ञ की पुणार्हुति हुई है। इसके अलावा हरिद्वार आदि स्थानों पर भी आयोजन किए गए हैं। उज्जैन में होने जा रहे महायज्ञ में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की जाएगी। 
 
24 घंटे एक लाख लोगों का अन्नक्षेत्र
महायज्ञ में देशभर के शहीदों के परिजन आएंगे। इनके अलावा महाराज के अन्य अनुयाई भी पहुंचेंगे। सिंहस्थ के लिए प्लान किया गया है कि शिविर और महायज्ञ स्थल पर 24 घंटे अन्नक्षेत्र चलेगा। एक महीने तक करीब एक लाख लोगों की उपस्थिति हर वक्त बनी रहेगी, यह मानकर तैयारी कर रहे हैं। शिविर में वैष्णव माता के प्रधान पुजारी अनिलचंद भी रहेंगे। 
 
जालंधर की टीम बनाएगी कुटिया, भोजन प्रसादी जम्मू कश्मीर वाले
बताया जा रहा है कि महायज्ञ के लिए तैयार की जाने वाली 13 मंजिला कुटिया (यज्ञशाला) पूरे मेले में आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसे जालंधर (भागलपुर) की टीम बनाएगी जबकि उसमें लाइट डेकोरेशन पंजाब का दल करेगा। एक महीने तक चलने वाले अन्नक्षेत्र में भोजन-प्रसादी जम्मू कश्मीर के रसोइए पकाएंगे।  



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