shradh paksha
✕

Guru Tegh Bahadur: गुरु तेग बहादुर सिंह की जयंती, जानें उनका जीवन और 10 प्रेरक विचार

वैशाख मास में कब मनाई जाती है गुरु तेग बहादुर सिंह जी की जयंती

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 27 अप्रैल 2024 (16:19 IST)
Guru Tegh Bahadur 
 
 
HIGHLIGHTS
 
* तिथिनुसार कब मनाई जाएगी गुरु तेग बहादुर सिंह की जयंती।
* गुरु तेग बहादुर सिंह जी की जयंती के बारे में जानें। 
* क्रांतिकारी युग पुरुष तेग बहादुर सिंह जी के जीवन बदलने वाले 10 अनमोल विचार। 
 
Guru Tegh Bahadur : प्रतिवर्ष गुरु तेग बहादुर सिंह जी की जयंती अप्रैल के महीने में पड़ती है। इस बार तिथि के अनुसार सिख धर्म के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर सिंह की जयंती/ प्रकाश पर्व वैशाख पंचमी के दिन यानी 28 या 29 अप्रैल 2024 को मनाया जा रहा है। तथा अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म 21 अप्रैल 1621 को हुआ था।  
सिख कैंलेडर की तिथि के अनुसार गुरु तेग बहादुर जी का जन्म वैशाख महीने की कृष्ण पक्ष पंचमी को हुआ था। जो सिखों के नौवें गुरु के रूप में जाने जाते हैं। अपना समस्त जीवन मानवीय सांस्कृतिक की विरासत की खातिर बलिदान करने वाले गुरु तेग बहादुर जी का जीवन बहुत ही शौर्य से भरा हुआ है। 
 
उन्हें सिख धर्म में क्रांतिकारी युग पुरुष के रूप में जाना जाता है। वैशाख कृष्ण पंचमी तिथि को पंजाब के अमृतसर में जन्मे तेग बहादुर जी गुरु हर गोविंद सिंह जी के 5वें पुत्र थे। 
 
बचपन में वे त्यागमल नाम से पहचाने जाते थे, जो कि एक बहादुर, निर्भीक, विचारवान और उदार चित्त वाले थे। उनकी शिक्षा-दीक्षा मीरी-पीरी के मालिक गुरु-पिता गुरु हर गोविंद साहब की छत्र छाया में हुई। मात्र 14 वर्ष की उम्र में ही अपने पिता के साथ उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर मुगलों के हमले के खिलाफ हुए युद्ध में अपना साहस दिखाकर वीरता का परिचय दिया और उनके इसी वीरता से प्रभावित होकर गुरु हर गोविंद सिंह जी ने उनका नाम तेग बहादुर यानी तलवार के धनी रख दिया। 
 
इसी समयावधि में उन्होंने गुरुबाणी, धर्मग्रंथों के साथ-साथ अस्त्र-शस्त्र और घुड़सवारी आदि की शिक्षा प्राप्त की। सिखों के 8वें गुरु हरिकृष्ण राय जी की अकाल मृत्यु के बाद गुरु तेग बहादुर जी को नौवां गुरु बनाया गया।  
 
माना जाता है कि जब मुगल बादशाह ने गुरु तेग बहादुर सिंह जी से इस्लाम धर्म या मौत दोनों में से एक चुनने के लिए कहा। तब मुगल बादशाह औरंगजेब चाहता था कि गुरु तेग बहादुर जी सिख धर्म को छोड़कर इस्लाम धर्म को स्वीकार कर लें, लेकिन जब गुरु तेग बहादुर जी ने इस्लाम अपनाने से इनकार कर दिया तब औरंगजेब ने उनका सिर कटवा दिया था। इस तरह उनका बलिदान दिवस 24 नवंबर को शहीदी गुरु पर्व के रूप में मनाया जाता है। गुरु तेग बहादुर सिंह ने आदर्श, धर्म, मानवीय मूल्य तथा सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
 
सिख धर्म के नौंवें गुरु, गुरु तेग बहादुर सिंह ने धर्म की रक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करके सही अर्थों में 'हिन्द की चादर' कहलाए। ऐसे वीरता और साहस की मिसाल थे गुरु तेग बहादुर सिंह जी। विश्व इतिहास में आज भी उनका नाम एक वीरपुरुष के रूप में बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है। अपने खास उपदेशों, विचारों और धर्म की रक्षा के प्रति अपना जज्बा कायम रखने वाले गुरु तेग बहादुर सिंह जी का सिख धर्म में अद्वितीय स्थान है। 
 
आइए यहां जानते हैं उनके 10 प्रेरणादायी विचार : 
 
1. दिलेरी डर की गैरमौजूदगी नहीं, बल्कि यह फैसला है कि डर से भी जरूरी कुछ है।
 
2. सुखी और सहज जीवन जीना है तो हर नकारात्मक और सकारात्मक चीज पर अपनी प्रतिकिरया देना बंद करनी होगी। 
 
3. जीवन किसी के साहस के अनुपात में सिमटता या विस्तृत होता है।
 
4. गलतियां हमेशा क्षमा की जा सकती हैं, यदि आपके पास उन्हें स्वीकारने का साहस हो।
 
5. प्यार पर एक और बार और हमेशा एक और बार यकीन करने का साहस रखिए।
 
6. एक सज्जन व्यक्ति वह है जो अनजाने में किसी की भावनाओ को ठेस ना पहुंचाएं। 
 
7. महान कार्य छोटे-छोटे कार्यों से बने होते हैं।
 
8. सभी जीवित प्राणियों के प्रति सम्मान अहिंसा है।
 
9. यह संसार एक मिथ्या है और इसके भ्रम में जीना सबसे बड़ी गलत बात है।
 
10. आध्यात्मिक मार्ग पर दो सबसे कठिन परिक्षण हैं, सही समय की प्रतीक्षा करने का धैर्य और जो सामने आए उससे निराश ना होने का साहस। 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
 
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

07 October Birthday: आपको 07 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (07 अक्‍टूबर, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 07 अक्‍टूबर 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

शारदीय नवरात्रि 2026: 9 दिन पहनें 9 शुभ रंग, जानें किस तिथि को कौन-सा रंग पहनना माना जाता है शुभ

Sarva pitru amavasya 2026: श्राद्ध पक्ष में सर्वपितृ अमावस्या पर इस तरीके से करें श्राद्ध कर्म, सभी पितृ होंगे तृप्त

अगला लेख