श्रावण मास व्रत पूजन विधि : 10 सरल बातों से कर सकते हैं भोलेनाथ को प्रसन्न


का पवित्र महीना आरंभ होते ही चारों तरफ शिव के जयकारे लगने लगते हैं, मंदिरों में भीड़ बढ़ने लगती है। सबसे ज्यादा व्रत उपवास भी इसी माह किए जाते हैं। अगर आप भी भोलेनाथ को प्रसन्न करना चाहते हैं तो श्रावण मास के पहले दिन या प्रति सोमवार यह कर सकते हैं।


प्रातः सूर्योदय से पहले जागें और शौच आदि से निवृत्त होकर स्नान करें।


पूजा स्थल को स्वच्छ कर वेदी स्थापित करें।




शिव मंदिर में जाकर भगवान शिवलिंग को दूध चढ़ाएं।



फिर पूरी श्रद्धा के साथ महादेव के व्रत का संकल्प लें।



दिन में दो बार (सुबह और सायं) भगवान शिव की प्रार्थना करें।



पूजा के लिए तिल के तेल का दीया जलाएं और भगवान शिव को पुष्प अर्पण करें।



मंत्रोच्चार सहित शिव को सुपारी, पंचामृत, नारियल एवं बेल की पत्तियां चढ़ाएं।



पूजा समाप्त होते ही प्रसाद का वितरण करें।



संध्याकाल में पूजा समाप्ति के बाद व्रत खोलें और सामान्य भोजन करें।






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