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कावड़ यात्रा कहां से कहां तक की जाती है?
Where do kanwarias go : 4 जुलाई 2023 से सावन का महीना प्रारंभ हो गया है। श्रावण मास में हर शहर में कावड़ यात्रा निकाली जाती है। कई कावड़िये दूर तक यात्रा करके शिवजी का जलाभिषेक करते हैं। यह बहुत ही पुण्य का कार्य है और शिवजी इससे बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। आओ जानते हैं कि कहां से कहां तक के लिए कावड़ यात्रा का आयोजन होता है।
क्या करते हैं कावड़िये : कावड़िये नदी, कुंड या पवित्र सरोवार से एक मटकी में जल भरकर किसी शिव मंदिर में ले जाकर शिवजी का जलाभिषेक करते हैं। कावड़ियों द्वारा शिवजी पर जल सोमवार या शिव चतुर्दशी के दिन चढ़ाया जाता है। इसके साथ ही श्रावण मास की शिवरात्रि के समय सबसे अधिक जलाभिषेक होता है।
प्रमुख कावड़ यात्राएं:
- नर्मदा से महाकाल तक
- नर्मदा से ओंकारेश्वर तक
- शिप्रा से महाकाल तक
- गंगाजी से नीलकंठ महादेव तक
- गंगा से बैजनाथ धाम (बिहार) तक
- गोदावरी से त्र्यम्बकेश्वर तक
- गंगाजी से केदारेश्वर तक
इन स्थानों के अतिरिक्त असंख्य यात्राएं स्थानीय स्तर से प्राचीन समय से की जाती रही हैं। यात्रा प्रारंभ करने से पूर्ण होने तक का सफर पैदल ही तय किया जाता है। इसके पूर्व व पश्चात का सफर वाहन आदि से किया जा सकता है।
