dharma sangrah
✕

सर्वपितृ अमावस्या पर गजछाया योग के साथ इस समय करें श्राद्ध तो होगा बेहद ही शुभ

Updated: बुधवार, 6 अक्टूबर 2021 (11:39 IST)
इस बार सर्वपितृ अमावस्या पर बहत ही शुभ योग बन रहे हैं। जैसे 11 साल बार गजछाया योग, ब्रह्म योग, चतुर्गही योग और सर्वार्थसिद्धि योग बन रहे हैं। ऐसे में श्राद्ध करने का फल चार गुना बढ़ जाएगा। परंतु यह भी जरूरी है जानना कि आप इन योगों के साथ किस समय में श्राद्ध करें। आओ जानते हैं श्राद्ध का सबसे शुभ मुहूर्त।
 
ALSO READ: सर्वपितृ अमावस्या पर बहुत ही शुभ गजछाया योग में करेंगे श्राद्ध तो होंगे ये 5 फायदे
1. इस बार पितृ पक्ष ( Pitru Paksha 2021 Start Date) 20 सितंबर 2021, सोमवार से प्रारंभ हुआ हैं और अब इसका समापन 6 अक्टूबर 2021, बुधवार को आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि अर्थात सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या ( sarva pitru moksha amavasya 2021 ) को होगा।
 
2. शास्त्रों के अनुसार कुतुप, रोहिणी और अभिजीत काल में श्राद्ध करना चाहिए। यही श्राद्ध करने का सही समय है।
 
3. कुतुप काल दिन के 11:30 बजे से 12:30 के मध्य का समय होता है। वैसे 'कुतुप बेला' दिन का आठवां मुहुर्त होता है। पाप का शमन करने के कारण इसे 'कुतुप' कहा गया है।
ALSO READ: सर्वपितृ अमावस्या पर 11 साल बाद बन रहे हैं ये 4 गजब के योग, सिर्फ एक काम करेंगे तो होगा बहुत ही शुभ
4. अभिजीत मुहूर्त भी उपरोक्त काल के मध्य का समय ही होता है। हालांकि सर्वपितृ अमावस्या पर अभिजीत मुहूर्त नहीं है।
 
5. रोहिणी काल अर्थात रोहिणी नक्षत्र काल के दौरान श्राद्ध किया जा सकता है। सर्वपितृ अमावस्या पर हस्त नक्षत्र रहेगा।
ALSO READ: सर्वपितृ अमावस्या पर 11 साल बाद बन रहा है गजछाया योग, कर लें ये काम बहुत ही शुभ होगा
6. सर्वपितृ अमावस्या पर उचित समय में श्राद्ध करने से लाभ मिलता है। अग्नि पुराण अनुसार प्रात:काल देवताओं का पूजन होता है और मध्याह्न में पितरों का, जिसे 'कुतुप काल' कहते हैं। यानी श्राद्ध का समय तब होता है जब सूर्य की छाया पैरों पर पड़ने लगे। मध्याह्न काल श्राद्ध कर्म के लिए सबसे उपयुक्त है।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

कैसे हुए करवाचौथ की शुरुआत? जानें इतिहास और व्रत के खास नियम

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 अक्‍टूबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

क्यों मनाई जाती है शरद पूर्णिमा? देवी लक्ष्मी से क्या है संबंध? जानिए इसका धार्मिक महत्व

कब हो‍ती है भगवान विष्णु के अनंत स्‍वरूप की पूजा? जानिए पूजन का महत्‍व और लाभ

पापांकुशा एकादशी पर मिलती है सभी पापों से मुक्ति, पढ़िए इसकी कथा और व्रत के फायदे

अगला लेख