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सर्वपितृ अमावस्या पर 11 साल बाद बन रहे हैं ये 4 गजब के योग, सिर्फ एक काम करेंगे तो होगा बहुत ही शुभ
इस बार पितृ पक्ष ( Pitru Paksha 2021 Start Date) 20 सितंबर 2021, सोमवार से प्रारंभ हुआ हैं और अब इसका समापन 6 अक्टूबर 2021, बुधवार को आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि अर्थात सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या ( sarva pitru moksha amavasya 2021 ) को होगा। आओ जानते हैं कि इस बार कौनसे शुभ योग बना रहे हैं।
1. गजछाया योग ( Gajachhaya Yog ) : इस बार इस दिन 11 साल बाद गजछाया योग बना रहा है।
2. ब्रह्म योग ( Brahma yoga ) : इस दिन ब्रह्म योग बन रहा है। ब्रह्मा के बाद इंद्र योग ( Indra yoga ) रहेगा। इसके बाद वैधृति योग रहेगा। यह भी कहा जा रहा है कि इस दिन कुमार योग ( Kumar Yoga ) योग भी बन रहा है।
3. सर्वार्थसिद्धि योग ( Sarvarthasiddhi Yoga ) : इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है।
4. चतुर्ग्रही योग ( Chaturgrahi Yoga ) : इस दिन सूर्य, चंद्रमा, मंगल और बुध ग्रह मिलकर कन्या राशि में चतुर्ग्रही योग बना रहे हैं।
सिर्फ एक ही काम करें- पंचबलि कर्म। पंचबलि अर्थात 1.गोबलि, 2.श्वानबलि, 3.काकबलि, पिपलिकादि बलि और देवादिबलि कर्म जरूर करें।
1. गौ बलि : घर से पश्चिम दिशा में महुआ या पलाश के पत्तों पर गाय को भोजन कराया जाता है तथा गाय को 'गौभ्यो नम:' कहकर प्रणाम किया जाता है। गौ देशी होना चाहिए।
2. श्वान बलि: पत्ते पर भोजन रखकर कुत्ते को भोजन कराया जाता है।
3. काक बलि : कौओं को छत पर या भूमि पर रखकर उनको बुलाया जाता है जिससे वे भोजन करें।
4. देवादि बलि : पत्तों पर देवी और देवताओं को भोग अर्पित किया जाता है। बाद में वह उठाकर घर से बाहर रख दिया जाता है।
5. पिपलिकादि बलि : इसमें पीपल के पेड़ को जल और दूध अर्पण करने के बाद चींटी, कीड़े-मकौड़ों आदि के लिए जहां उनके बिल हों, वहां चूरा कर भोजन डाला जाता है।
इसके बाद अदि आप चाहे तो ब्रह्माण, जमई, भांजे, मामा, नाती और कुल खानदान के सभी लोगों को अच्छे से पेटभर भोजन खिलाकर दक्षिणा दे सकते हैं।
