जघन्य पापों और महादुखों का नाश करती है शिवरात्रि


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देवदेव महादेव नीलकंठ नमोस्तु ते लोकमंगल के देव है शिव

 
जघन्य पापों और महादुखों का नाश करने वाली रा‍त्रि है। यह भगवान शिव का पर्व है। शिव केवल कर्मकांड या रूढि़ नहीं हैं। न कोरा देवतावाद। वह तो कर्म दर्शन का ज्ञान यज्ञ है।> > शिव आदिदेव हैं। भारतीय धर्म-दर्शन में शिव-पार्वती को समस्त विश्व का माता-पिता माना गया है-
वागर्थाविव सम्पृकऔ वागर्थ: प्रतित्रये।
जगत: पितरौ वन्दे पार्वती परमेश्वरौ।

भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता और सौंदर्य चेतना के पोर-पोर में शिव निवास है, इसीलिए महाशिवरा‍त्रि पर जन-जन शिवमय हो जाता है। महाशिवरा‍त्रि जघन्य पापों और महादुखों को नाश करने वाली रात्रि है।




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