हिन्दू शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार अगर आपने नहीं अपनाईं ये 10 आदतें, तो तय है बर्बादी

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वैसे तो हिन्दू शास्त्रों और में ऐसी कई बातों को उल्लेख मिलता है जो कि हमारे जीवन और व्यवहार से जुड़ी हुई है। छोटी छोटी आदतों से ही जीवन बदलता या बर्बाद हो जाता है। आओ जानते हैं कि वे कौन सी आदते हैं जिन्हें अपनाना चाहिए।

1.थाली में हाथ ना धोएं वर्ना चली जाएगी बरकत
भोजन करने के बाद थाली में हाथ ना धोएं, थाली में जूठन भी ना छोड़ें और जूठी थाली या बर्तन को उसी जगह ना छोड़े। उसे उठाकर बर्तन धोने वाली जगह पर रख दें। दूसरा यह कि घर के सभी सदस्य एकसाथ बैठकर ही भोजन करें।

यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो मानकर चलें कि आपको जीवन में कड़ी मेहनत करने के बाद ही की प्राप्ति होगी। पैसा चला जाएगा। परिवार में एकता नहीं रहेगी। अच्छे से नाम भी नहीं कमा पाएंगे। इससे चली जाती है। शास्त्र कहते हैं कि यदि आप थाली या पत्तल में हाथ नहीं धोते हैं और उसे उचित जगह पर रखते हैं तो इससे बरकत बनी रहती है।

दूसरी ओर एक साथ बैठकर भोजन नहीं करते हैं तो परिवार के सदस्यों में वैचारिक भिन्नता होती है और उनमें एकता या प्यार की भावना नहीं होती है। ज्योतिषानुसार ऐसा करने चन्द्र और शनि ग्रह ठीक हो जाता है जिससे आपके जीवन का भटकाव और अशांति बंद हो जाती है।

2.इधर-उधर ना थूकें वर्ना चला जाएगा सम्मान
कई लोग हैं जो पाऊच या तंबाकू नहीं भी खाते हैं तब भी उनकी हर कहीं थूकते रहने की आदत होती है। इससे यश सम्मान और प्रतिष्ठा नष्ट हो जाती है। ज्योतिषानुसार बुध ग्रह का बुरा असर प्रारंभ हो जाता है। जिसका बुध खराब है समझों वह थूकने वाला, झूठा या कोड़ी होता है। अत: यदि मान सम्मान और प्रतिष्ठा चाहिए तो थूकने की आदत पर रोक लगाएं।

4.शत्रु से बचना हो तो जुते रखें सही जगह
बहुत से लोगों की आदत है कि वे घर में आते ही अपने जुते और मोजे बेतरतीब तरीके से खोलकर इधर-उधर फेंक देते हैं। उनके घर में जुते रखने का उचित स्थान भी नहीं होता है।


ज्योतिषानुसार ऐसा कार्य करने वाले के शत्रु बड़ जाते हैं और शत्रु से वे हर समय परेशान रहते हैं। इससे शनि भी खराब हो जाता है। अत: इससे बचने के लिए अपने जूते-चप्पल करीने से लगाकर रखें, आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी और शत्रु भी शांत रहेंगे।

5.अतिथि का स्वागत करें वर्ना होगा नुकसान
जब भी आपके घर कोई मेहमान आए तो खुशी से उसका स्वागत करें। उसे उचित स्थान पर बैठाकर स्वच्छ जल जरूर पीलाएं। ऐसा करने से शास्त्रों के अनुसार प्रतिष्ठा बढ़ती है और ज्योतिषानुसार राहु का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। अचानक आ आजे वाले कष्ट या संकट नहीं आते हैं।


6.घर में लगाएं पौधे
घर में ज्योतिष एवं वास्तु अनुसार उचित पौधे लगाने से हर तरह की परेशानी मिट जाती है। लेकिन सिर्फ पौधे लगाना ही जरूरी नहीं है। घर के पौधे की परिवार के सदस्यों जैसी देखभाल करना भी जरूरी है। उन्हें भी उचित समय पर भोजन पानी की आवश्यकता होती है। उन्हें भी प्यार और ताजी हवा की जरूरत होती है।

ज्योतिषानुसार जिस घर में सुबह-शाम पौधों को पानी और प्यार दिया जाता है तो समझों उसके जीवन से बुध, सूर्य और चन्द्रमा की परेशानी हट जाती है और उसमें हर तरह की परेशानियों का डटकर सामना कर पाने का सामर्थ्य आ जाता है। उसके जीवन में कभी भी चिंता और अवसाद नहीं रहता है।


7.शयन कक्ष हो सुदंर
शयन कक्ष अर्थात बैठरूम सुंदर होना चाहिए। ज्योतिषानुसार उन लोगों का राहु और शनि खराब हो जाता है, जिन लोगों का बिस्तर गंदा, फैला हुआ, बिखरा हुआ, सिलवटें लिए हुए रहता है। अत: अपना बिस्तर छोड़ेने से पूर्व उसकी सिलवटें हटा दें, चादर घड़ीकरके रख दें, तकिया और कम्बल भी उचित स्थान पर रखें।

यह देखा गया है कि फैले हुए बिस्तकर पर कई लोग अपने पुराने पहने हुए कपड़े तक फैला कर रख देते हैं। ऐसे लोगों की पूरी दिनचर्या कभी भी व्यवस्थित नहीं रहती, जिसकी वजह से वे खुद भी परेशान रहते हैं और दूसरों को भी परेशान करते हैं। यदि आप शयनकक्ष सुंदर रखेंगे तो जीवन आश्चर्यजनक रूप से स्वयं ही सुंदर होता चला जाएगा।


8.पैरों को अच्‍छे से रखें साफ सुधरा
अक्सर लोग अपने पैरों को उपेक्षित रखते हैं। उसकी अच्छे से साफ सफाई नहीं करते हैं। नहाते समय पैर, एड़ी, पंजे और उसकी अंगुलियों के पोरों की अच्छे से सफाई करने के कई लाभ हैं। जब भी बाहर से आएं तो पांच मिनट रुककर पहले पैर धोएं फिर हाथ धोकर मुंह धोएं।

इससे कभी भी आपमें चिड़चिड़ापन या क्रोध नहीं रहेगा, सेहत अच्छी रहेगी। दिमाग की शक्ति बढ़ती जाएगी जिसके चलते जीवन में आनंद ही आनंद रहेगा। यदि यह नहीं अपनाते हैं तो जहां धीरे धीरे क्रोध बढ़ेगा। वहीं, दिमाग कमजोर होकर जीवन बर्बादी की राह पर निकल जाएगा।


9.कभी भी खाली हाथ घर ना लौटें
आप कार्यालय से लौट रहे हैं या अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे हैं तो कभी भी खाली हाथ घर न आएं। पत्नी, बहन, मां या बच्चों के लिए कुछ न कुछ लेकर जरूर आएं। कभी कभार नहीं लाते हैं तो चलता है लेकिन रोज खाली हाथ घर लौटने पर धीरे-धीरे उस घर से लक्ष्मी चली जाती है और उस घर के सदस्यों में नकारात्मक या निराशा के भाव आने लगते हैं।

आप इस नियम का पालन करते हैं तो घर में घर में बरकत और खुशियां बनी रहेगी। लक्ष्मी का सदा वास रहेगा। घर के धन और धान में वृद्धि होती रहेगी। ऐसे घर में सुख, समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है और घर में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती रहती है।

10.निरव्यसनी बने रहें-
ज्योतिषानुसार नशे की आदत से शनि और यम सक्रिय होकर दंड देने के लिए तैयार हो जाते हैं। किसी भी प्रकार का नशा करने से सुख, समृद्धि और सेहत सभी एक समय बाद नष्ट हो जाती है। आप कितने ही धनवान हो लेकिन यदि आप लगातर नशा कर रहे हैं तो निश्चित ही इससे आपके कुल परिवार का बिखराव होता जाएगा। आपकी प्रतिष्ठा धूमिल हो जाएगी। ऐसा कई उदाहरण आपको मिल जाएंगे जिनके पास सबकुछ था लेकिन वे बर्बाद हो गए।

कई लोगों को देखा गया है कि जंगल में या खुले आकाश के नीचे कहीं भी सूनसान इलाके में वे शराब पीने के लिए इकट्ठे होते हैं। उनकी ये आदत कभी भी भारी पड़ सकती है। इसके जब दुष्परिणाम निकलते हैं तब समझ में आती है। ज्योतिष अनुसार ऐसे स्थानों पर भोजन आदि करने से राहू और केतु का प्रकोप बढ़ जाता है तो वास्तु के अनुसार बरकत चली जाती है। लेकिन एक मान्यता अनुसार भूत-प्रेत सक्रिय होकर आपके जीवन में तूफान खड़ा कर देते हैं।

होली, रंगपंचमी आदि कुछ त्योहारों पर लोग शराब पीते हैं। यह भी देखा गया है कि नवरात्रि और दीपावली के पवित्र दिनों भी लोग अब पीने लगे हैं जोकि पापकर्म के समान ही है। पीने के लिए आपके पास और भी दिन हो सकते हैं लेकिन पर्व, त्योहार और व्रतों के दिन पीने के परिणाम भी भुगतने होते हैं।


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