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दुनिया से जाने के बाद आपके पितरों की कैसी रही होगी गति?

शनिवार,सितम्बर 21, 2019
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मुक्ति और मोक्ष में फर्क है। मुक्ति से बढ़कर है मोक्ष। मोक्ष को प्राप्त करना आसान नहीं है। जब कोई व्यक्ति अपने मृतकों ...
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यह बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न है। हिन्दू धर्म के अनुसार कर्मों की गति के अनुसार व्यक्ति को दूसरी योनि मिलती है। यदि किसी को ...
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धरती के मान से 2 तरह की शक्तियां होती हैं- सकारात्मक और नकारात्मक, दिन और रात, अच्छा और बुरा आदि। हालांकि कुछ मिश्रित ...
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यहूदी और उनसे निकले धर्म पुनर्जन्म की धारणा को नहीं मानते। मरने के बाद सभी कयामत के दिन जगाए जाएंगे अर्थात तब उनके ...
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गीता से बढ़कर है उपनिषद और उपनिषद से बढ़कर है वेद। उक्त तीनों ही हिन्दू धर्म के धर्मग्रंथ है बाकी नहीं। बृहदारण्यक ...
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हम यहां भगवान की नहीं बल्कि ईश्वर की, परमात्मा की या ब्रह्म की बात कर रहे हैं। वर्तमान में लोग भगवान शब्द को ईश्वर से ...
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सब कहते हैं कि मरने के बाद कुछ भी साथ नहीं जाता है सब यहीं का यहीं धरा रह जाता है। आदमी खाली हाथ आया था और खाली हाथ चला ...
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अधिकतर लोगों को यह प्रश्न कठिन या धार्मिक लग सकते हैं क्योंकि उन्होंने वेद, उपनिषद या गीता को नहीं पढ़ा है। उसमें ...
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धर्मशास्त्रों के अनुसार पितरों का निवास चंद्रमा के उर्ध्वभाग में माना गया है। ये आत्माएं मृत्यु के बाद 1 से लेकर 100 ...
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वेद, स्मृति और पुराणों अनुसार आत्मा की गति और उसके किसी लोक में पहुंचना का वर्णन अलग-अलग मिलता है। हम हां पौराणिक मत को ...
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मन और चित्त में अंतर है। चित्त में एक लाख जन्मों की स्मृतियां संग्रहित रहती है। चित्त कभी न नष्ट होने वाली हार्ड डिस्क ...
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पहली बात तो यह कि आत्महत्या शब्द ही गलत है, लेकिन यह अब प्रचलन में है। आत्मा की किसी भी रीति से हत्या नहीं की जा सकती। ...
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गरुड़ पुराण के बारे में सभी जानते होंगे। गरुड़ पुराण में स्वर्ग, नरक, पाप, पुण्य के अलावा भी बहुत कुछ है। उसमें ज्ञान, ...
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हमारा शरीर ब्रह्मांड की एक ईकाई है। जैसा ऊपर, वैसा नीचे। जैसा बाहर, वैसा भीतर। संपूर्ण ब्रह्मांड को समझने के बजाय यदि ...
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तीन अवस्थाएं हैं- जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति। उक्त 3 तरह की अवस्थाओं के अलावा हमने और किसी प्रकार की अवस्था को नहीं ...
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प्रलय का अर्थ : प्रलय का अर्थ होता है संसार का अपने मूल कारण प्रकृति में सर्वथा लीन हो जाना। प्रकृति का ब्रह्म में लय ...
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आप और हम सभी आत्मा ही हैं। जब हम शरीर छोड़ देते हैं तो कुछ लोग तुम्हें या मुझे भूतात्मा मान लेते हैं और कुछ लोग कहते ...
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व्यक्ति खुद को छोड़कर तमाम तरह के ज्ञान को रखने का दंभ करता है। जैसे, ईश्वर, धर्म, देश, विदेश, ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, ...
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यह सही है कि न कोई बड़ा है और न कोई छोटा, लेकिन मनुष्‍य की बुद्धि भेद करना जानती है। उसे इसी तरह से समझ में आता है। यह ...
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