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परा और अपरा विद्या के 5 चमत्कारिक रहस्य

शनिवार,मार्च 14, 2020
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वैसे तो इस धरती पर करोड़ों वृक्ष हैं, लेकिन उनमें से कुछ वृक्ष ऐसे में भी हैं जो हजारों वर्षों से जिंदा है और कुछ ऐसे हैं जो चमत्कारिक हैं। कुछ ऐसे भी वृक्ष हैं जिन्हें किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति ने हजारों वर्ष पहले लगाया था या उस व्यक्ति ने उस वृक्ष ...
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हनुमानजी का प्रताप चारों युगों में रहा है और आगे भी रहेगा, क्योंकि वे अजर-अमर हैं। उन्हें अमरत्व का वरदान मिला हुआ है। वे जब तक चाहें शरीर में रहकर इस धरती पर मौजूद रह सकते हैं। सिर्फ इस बात के लिए ही हनुमान चालीसा का आधुनिक दुनिया में महत्व नहीं ...
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भगवान शिव दुनिया के सभी धर्मों का मूल हैं। शिव के दर्शन और जीवन की कहानी दुनिया के हर धर्म और उनके ग्रंथों में अलग-अलग रूपों में विद्यमान है। भगवान शिव के अनमोल वचनों को 'आगम ग्रंथों' में संग्रहीत किया गया है। आगम का अर्थ ज्ञान अर्जन। पारंपरिक रूप ...
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रामायण में उल्लेख मिलता है कि जब राम-रावण युद्ध में मेघनाथ आदि के भयंकर अस्त्र प्रयोग से समूची राम सेना मरणासन्न हो गई थी, तब हनुमानजी ने जामवंत के कहने पर वैद्यराज सुषेण को बुलाया और फिर सुषेण ने कहा कि आप द्रोणगिरि पर्वत पर जाकर 4 वनस्पतियां लाएं ...
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हनुमानजी के पूजा करने के बाद उन्हें पान का बीड़ा अर्पित किया जाता है। कहते हैं कि हनुमानजी को पान का बीड़ा बहुत पसंद हैं। उनका पान अलग ही तरह से बनता है। आओ जानते हैं कैसे बनता है उनका पान और क्या है उन्हें बीड़ा अर्पित करने का उद्देश्य और फायदा।
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महानदी पूरे छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी नदी है और इसी के तट पर बसी है राजिम नगरी। राजधानी रायपुर से 45 किलोमीटर दूर सोंढूर, पैरी और महानदी के त्रिवेणी संगम-तट पर बसे इस छत्तीसगढ़ की इस नगरी को श्रद्धालु श्राद्ध, तर्पण, पर्व स्नान, दान आदि धार्मिक कार्यों ...
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शुक्ल पक्ष के अंतिम दिन को पूर्णिमा कहते हैं और कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन को अमावस्या। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा माह की 15वीं और शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि है जिस दिन चन्द्रमा आकाश में पूर्ण रूप से दिखाई देता है। पंचांग के अनुसार अमावस्या माह की 30वीं ...
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भारतीय सनातन संस्कृति का विशेष वस्त्र है कुर्ता एवं पजामा (पायजामा)। यह प्रत्येक प्रांत में अलग-अलग स्टाइल में पहना जाता है। कुर्ते को अफगानिस्तान में पैरहन, कश्मीर में फिरान और नेपाल में दौरा के नाम से जाना जाता है। राजस्थानी, भोपाली, लखनवी, ...
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सिर ढंकने की परंपरा हिन्दू धर्म की देन है। प्राचीन काल में राजा लोग मुकुट पहननते थे। प्राचीनकाल में सभी के सिर ढंके ही होते थे अर्थात हर प्रांत की अपनी एक वेशभूषा थी जिसमें सिर पर पगड़ी पहनने का रिवाज था। राजस्थान, मालवा व निमाड़ के ग्रामीण ...
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दरअसल, सोमरस, मदिरा और सुरापान तीनों में फर्क है। सोमरस देवताओं को चढ़ाया जाता था। प्राचीन मान्यता के अनुसार जो मनुष्य सोमरस का सेवन उचित समय और उचित मात्रा में करता था वह अनंतकाल तक जीवित रहता था। आओ जानते हैं सोमरस के बारे में 10 तथ्‍य।
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सोशल मीडिया और इंटरनेट पर संत सूरदास के नाम पर एक भविष्यवाणी वायरल की जा रही है। इस भविष्यवाणी को आज के संदर्भ से जोड़कर कुछ लोग इसे वायरल कर रहे हैं। हालांकि इस भविष्यवाणी की सत्यता की पुष्टि करना मुश्‍किल है।
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नर्मदाजी की प्रदक्षिणा यात्रा में एक ओर जहां रहस्य, रोमांच और खतरे हैं वहीं अनुभवों का भंडार भी है। इस यात्रा के बाद आपकी जिंदगी बदल जाएगी। कुछ लोग कहते हैं कि ‍यदि अच्छे से नर्मदाजी की परिक्रमा की जाए तो नर्मदाजी की परिक्रमा 3 वर्ष 3 माह और 13 ...
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हनुमानजी बहुत ही जागृत देव हैं और वे सभी युगों में साक्षात विद्यमान हैं। वे बहुत ही जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। उनकी कृपा आप पर निरंतर बनी रहे। आओ जानते हैं कि किन बातों और संकेतों से पता चलेगा कि रामदूत हनुमानजी की हम पर कृपा है या वह हमसे ...
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टेलीपैथी को हिन्दी में दूरानुभूति कहते हैं। 'टेली' शब्द से ही टेलीफोन, टेलीविजन आदि शब्द बने हैं। ये सभी दूर के संदेश और चित्र को पकड़ने वाले यंत्र हैं। आदमी के मस्तिष्क में भी इस तरह की क्षमता होती है। भविष्य भी वर्तमान से थोड़ा दूर ही है इसे भी ...
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हिन्दू कैलेंडर किस तरह एक वैज्ञानिक कैलेंडर है यह जानने के लिए लिए हमें समझना होगा खगोल विज्ञान को, क्योंकि हिन्दू कैलेंडर सिर्फ चंद्र या सूर्य के भ्रमण पर आधारित नहीं है। यह ऐसा कैलेंडर है जिससे हजारों वर्ष होने वाले ग्रहण और हजारों वर्ष पूर्व हो ...
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आभामंडल को अंग्रेजी में ओरा कहते हैं। देवी या देवताओं के चित्रों में पीछे जो गोलाकार प्रकाश दिखाई देता है उसे ही ओरा कहा जाता है। दरअसल ओरा यह हमारे शरीर के आसपास एक एनर्जी सर्कल होता है। विज्ञान की भाषा में इसे इलेक्ट्रॉनिक मैग्नेटिक फिल्ड कहते ...
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हिन्दू धर्म में ओम एक 'विशेष ध्वनि' का शब्द है। तपस्वी और ध्यानियों ने जब ध्यान की गहरी अवस्था में सुना की कोई एक ऐसी ध्वनि है जो लगातार सुनाई देती रहती है शरीर के भीतर भी और बाहर भी। हर कहीं, वही ध्वनि निरंतर जारी है और उसे सुनते रहने से मन और ...
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हम यहां न तो सबसे ऊंचे पर्वतों की बात कर रहे हैं और न ही पर्वतमालाओं की। हम बात कर रहे हैं धार्मिक दृष्टि से सबसे पवित्र कहे जाने वाले पर्वतों की। तो आओ जानते हैं 10 सबसे पवित्र पर्वतों के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
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रंगों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। वैज्ञानिकों के अनुसार रंग तो मूलत: पांच ही होते हैं- कला, सफेद, लाल, नीला और पीला। काले और सफेद को रंग मानना हमारी मजबूरी है जबकि यह कोई रंग नहीं है। इस तरह तीन ही प्रमुख रंग बच जाते हैं- लाल, पीला और नीला। ...
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