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इन 10 बातों या संकेतों से जानिए कि हनुमानजी प्रसन्न हैं आप पर

मंगलवार,अक्टूबर 13, 2020
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लॉकडाउन के चलते अधिकतर लोगों को घर में ही रहना पड़ रहा है। बाहर घुमना फिरना बंद है। ऐसे में खाना भी सही समय पर नहीं पचता होगा। साथ ही सुबह देर तक सोते रहना और रात में देर तक जाग कर मूवी वगैरा देखते रहना भी जारी ही होगा। इसके अलावा भी ऐसी कई बाते हैं ...
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शाकाहार और मांसाहार को लेकर बहुत बहस चलती है। हिन्दू धर्म में मांस खाना मना है या नहीं है इस संबंध में कई लोगों के मन में भ्रम है। यदि हिन्दू धर्म में मांस खाना वर्जित होता तो सभी वर्ग में यह नियम लागू होता परंतु धर्म का एक वर्ग मांस का सेवन करता है ...
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दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें उनके जीवन में दैवीय सहायता मिलती है। किसी को ज्यादा तो किसी को कम। कुछ तो ऐसे हैं जिन के माध्यम से उपरी या दैवीय शक्तियां अच्छा काम करवाती है। सवाल यह उठता है कि आम व्यक्ति कैसे पहचानें कि उसकी दैवीय शक्तियां ...
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यह माना जाता है कि गंगा में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं। गंगा नदी के जल को सबसे पवित्र जल माना जाता है। इसके जल को प्रत्येक हिंदू अपने घर में रखता है। ऐसा कहते हैं कि गंगा नदी दुनिया की एकमात्र नदी है जिसका जल कभी सड़ता नहीं है। वेद, पुराण, ...
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5 अगस्त 2020 को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम जन्मभूमि पूजने के पूर्व हनुमानगढ़ी क्षेत्र में पारिजात के पौधे का रोपण किया गया। जानिए इसे पेड़ का महत्व और इसके चमत्कारिक फायदे।
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चूहे जैसी आकृति का छछूंदर सभी ने देखा होगा। यह भूरे, सफेद, काले और मटमेले रंग का होता है। यह बहुत ही खतरनाक प्राणी है जो चूहे और सांप को खाने की क्षमता रखता है। उल्लू को छोड़कर कोई इसे खाने की हिम्मत नहीं करता है। आओ जानते हैं इसके घर में होने के ...
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भगवान श्रीकृष्ण का रूप अनोखा है। करुपदेश का राजा पौंड्रक भी श्रीकृष्ण जैसे ही रूप रखकर खुद को वह विष्णु का अवतार मानता था। आओ जानते हैं श्रीकृष्ण के शुभ प्रतीकों के बारे में।
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यूं तो भारत में हजारों ऐसी महिलाएं हुई हैं जिनकी पतिव्रता पालन की मिसाल दी जाती है, लेकिन उनमें से भी कुछ ऐसी हैं जो इतिहास का अमिट हिस्सा बन चुकी हैं। हिंदू इतिहास अनुसार इस संसार में पांच सती हुई है, जो क्रमश: इस प्रकार हैं।
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रामायण में उल्लेख मिलता है कि जब राम-रावण युद्ध में मेघनाथ आदि के भयंकर अस्त्र प्रयोग से समूची राम सेना मरणासन्न हो गई थी, तब हनुमानजी ने जामवंत के कहने पर वैद्यराज सुषेण को बुलाया और फिर सुषेण ने कहा कि आप द्रोणगिरि पर्वत पर जाकर 4 वनस्पतियां लाएं ...
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विद्या और कला में अंतर होता है। विद्या दो प्रकार की होती है अपरा और अपरा विद्या। इसी के अंतर्गत कई प्रकार की विद्याएं होती हैं। इसी तरह कलाएं भी दो प्रकार की होती है। पहली सांसारिक कलाएं और दूसरी आध्यात्मिक कलाएं। आओ जानते हैं इसके बारे में ...
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ब्रह्म कमल सक फूल एक अद्भुत ही फूल है। यह वर्ष में एक बार ही उगते हैं। अगस्त और सितंबर में इसके फूल खिलते हैं और वह भी 4 या 5 घंटे के लिए। अधिकतर यह हिमालय के राज्यों में ही पाया जाता है परंतु आजकल लोग इसे घर में अपने गमले में भी उगाने लगे हैं।
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हम यहां न तो सबसे ऊंचे पर्वतों की बात कर रहे हैं और न ही पर्वतमालाओं की। हम बात कर रहे हैं धार्मिक दृष्टि से सबसे पवित्र कहे जाने वाले पर्वतों की। तो आओ जानते हैं 10 सबसे पवित्र पर्वतों के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
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रंगों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। वैज्ञानिकों के अनुसार रंग तो मूलत: पांच ही होते हैं- कला, सफेद, लाल, नीला और पीला। काले और सफेद को रंग मानना हमारी मजबूरी है जबकि यह कोई रंग नहीं है। इस तरह तीन ही प्रमुख रंग बच जाते हैं- लाल, पीला और नीला। ...
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एक सभ्य समाज में सबसे घातक प्रचलन चला है लिव इन रिलेशनशिप। इसे अब कानूनी मान्यता मिल चुकी है। कई लोग अब कुछ साल लिव इन में रहने के बाद दूसरे के साथ रहने चले जाते हैं और अब यह रिश्ता अपराध के चरम स्तर पर पहुंच चुका है। लिव-इन सम्बन्ध या लिव-इन ...
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हमारी धरती पर हाथी सबसे संवेदनशील प्राणी है। यह मनुष्य से ज्यादा समझदार और बुद्धिमान माना गया है। इससे भी ज्यादा संवेदनशील और बुद्धिमान जलचर प्राणी डॉल्फिन को माना जाता है। आजो जानते हैं हाथी के बारे में 10 रहस्य।
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प्रत्येक व्यक्ति जीवन में अपार धन कमाना चाहता है लेकिन लाख प्रयास के बाद भी वह सफल नहीं हो पाता है तो यह जानना जरूरी है कि उसकी असफलता का कारण क्या है। असफलता के दो कारण होते हैं पहला आपका अधूरा कर्म या दूसरा आपके भाग्य का साथ न देना। लेकिन वास्तु ...
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यदि जिंदगी बदलना है तो पढ़ें हिन्दू धर्म के ये 10 तरह के ज्ञान। सुख, संपत्ति, समृद्धि, निरोगी काया और सभी तरह की शांति मिलेगी।
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वैसे तो श्राद्ध कर्म या तर्पण करने के भारत में कई स्थान है, लेकिन पवित्र फल्गु नदी के तट पर बसे प्राचीन गया शहर की देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पितृपक्ष और पिंडदान को लेकर अलग पहचान है। पुराणों के अनुसार पितरों के लिए खास आश्विन माह के कृष्ण ...
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हिन्दू धर्म में पुर्वजन्म को एक सत्य माना गया है। कौन-सी आत्मा कैसे जन्म लेती है इसके बारे में भी स्पष्ट किया गया है। कौन-सी आत्मा भटकती है और फिर कब जन्म लेती है इसके बारे में भी खुलासा किया गया है। यह भी कि कौन-सी आत्मा कुछ काल तक पितृलोक, ...
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