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भरत खण्ड परिक्रमा क्या होती है और कैसे करते हैं, जानिए

गुरुवार,जनवरी 14, 2021
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सपना देखना बहुत जरूरी है। भगवान शंकर कहते हैं कि कल्पना ज्ञान से बड़ी है। अपने अच्छे भविष्‍य की कल्पना करना भी सपना देखना ही तो होता है। भगवान बुद्ध कहते हैं कि आप आज जो हैं आपकी सोच का ही परिणाम है। मतबल यह कि अतीत में हमने हमारे लिए जैसे भविष्य की ...
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प्राचीनकाल में वेदों का अध्‍ययन होता था। उसमें भी शिक्षा, छंद, व्याकरण, निरुक्त, ज्योतिष और कल्प। ये छह वेदांग होते हैं और जिसकी जिसमें रुचि होती थी वह उसका पठन करता था। इसमें भी ज्योतिष को वेदों का नेत्र माना गया है। ज्योतिष में ही पंचांग विद्या को ...
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भारत में पक्षियों को पितरों का प्रतिनिधि माना जाता है। पक्षियों में हंस को सर्वोच्चता प्राप्त है। इसके बाद गरुढ़ और इसके बाद कौवे का नंबर आता है। आओ जानते हैं कि पौराणिक काल के पक्षियों की रोचक बातें।
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बहुत से लोग अपने घर के आसपास या गमलों में शो प्लांट लगाते हैं परंतु इनमें से कुछ के लाभ मिलते हैं और कुछ से तो नुकसान ही होता है। अत: ऐसे में आप सिर्फ वहीं पौधे लगाएं जिससे आपको भरपूर लाभ मिलता है और जो सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। तो आओ जानते ...
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भारत में शैव, नागा या नाथपंथी साधु धूनी रमाते और भस्म धारण करते हैं। आदिदेव शिव के समय से ही परंपरा से भस्म धारण करने का प्रचलन रहा है। भस्म को नागा साधुओं का वस्त्र माना जाता है। भस्म कई प्रकार की होती है। खाने की भस्म को विभूति या भभूत कहा जाता
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हिन्दू धर्म में गुरुवार के बाद रविवार के सबसे उत्तम दिन माना जाता है। रविवार को लगभग सभी लोगों की छुट्टी रहती है। इस दिन लोग शॉपिंग करते हैं और घुमने-फिरने जाते हैं। कई लोग इस दिन सोते रहते हैं और अपनी थकान भी मिटाते हैं। परंतु रविवार का खासा महत्व ...
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यूं तो भारत में हजारों ऐसी महिलाएं हुई हैं जिनकी पतिव्रता पालन की मिसाल दी जाती है, लेकिन उनमें से भी कुछ ऐसी हैं जो इतिहास का अमिट हिस्सा बन चुकी हैं। हिंदू इतिहास अनुसार इस संसार में पांच सती हुई है, जो क्रमश: इस प्रकार हैं।
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सामाजिक बंधन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता में से यदि किसी को चुनना हो तो स्वभावत: आप व्यक्तिगत स्वतंत्रता को ही चुनेंगे। स्वतंत्रता के अर्थ है कि आप क्या खाना-पीना, पहनना और रहना चाहते हैं। यह भी कि आप किससे विवाह करना चाहते हैं, कहां घुमना
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जितने संत उतनी परीभाषा, उतने मत और उतने अर्थ। कई वर्षों से कई लोग अपने अपने स्तर पर लोगों को यह समझाने में लगे हैं कि हिन्दू कोई धर्म नहीं बल्कि जीवन जीने की पद्धति, तरीका या कला है। हिंदुत्व को लेकर मनमानी व्याख्याओं और टिप्पणियों का दौर बहुत समय ...
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निम्नलिखित जानकारी मान्यता और किवदंतियों पर आधारित है। परंपरा से यह देख गया है कि हर राज्य में अलग-अलग मान्यताएं हैं कोई समय संख्‍या में तो कोई विषम संख्या में दीपक जलाता है परंतु उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि किस जगह पर किसके निमित्त दीपक जलाया जा ...
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पटाखे छोड़ने और फुलझड़ियां जलाने की परंपरा कब से शुरू हुई यह तो हम नहीं बता सकते, लेकिन दीपावली के दिन पटाखे छोड़ने का प्रचलन अब अपने चरम पर है। संपूर्ण देश में करोड़ों रुपए के पटाखे जला दिए जाते हैं। पटाखों को बहुत ही सावधानी से छोड़ना चाहिए। यह ...
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पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़िसा और पूर्वोत्तर राज्यों में दिवाली के पांच दिनी उत्सव के दौरान कालिका पूजा का प्रचलन है। कई जगहों पर नरक चतुर्दशी के दिन तो कुछ जगहों पर दीपावली के दिन कालिका पूजा का प्रचलन है। आखिर ये काली पूजा क्यों करते हैं?
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हनुमानजी बहुत ही जागृत देव हैं और वे सभी युगों में साक्षात विद्यमान हैं। वे बहुत ही जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। उनकी कृपा आप पर निरंतर बनी रहे। आओ जानते हैं कि किन बातों और संकेतों से पता चलेगा कि रामदूत हनुमानजी की हम पर कृपा है या वह हमसे ...
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लॉकडाउन के चलते अधिकतर लोगों को घर में ही रहना पड़ रहा है। बाहर घुमना फिरना बंद है। ऐसे में खाना भी सही समय पर नहीं पचता होगा। साथ ही सुबह देर तक सोते रहना और रात में देर तक जाग कर मूवी वगैरा देखते रहना भी जारी ही होगा। इसके अलावा भी ऐसी कई बाते हैं ...
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शाकाहार और मांसाहार को लेकर बहुत बहस चलती है। हिन्दू धर्म में मांस खाना मना है या नहीं है इस संबंध में कई लोगों के मन में भ्रम है। यदि हिन्दू धर्म में मांस खाना वर्जित होता तो सभी वर्ग में यह नियम लागू होता परंतु धर्म का एक वर्ग मांस का सेवन करता है ...
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दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें उनके जीवन में दैवीय सहायता मिलती है। किसी को ज्यादा तो किसी को कम। कुछ तो ऐसे हैं जिन के माध्यम से उपरी या दैवीय शक्तियां अच्छा काम करवाती है। सवाल यह उठता है कि आम व्यक्ति कैसे पहचानें कि उसकी दैवीय शक्तियां ...
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यह माना जाता है कि गंगा में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं। गंगा नदी के जल को सबसे पवित्र जल माना जाता है। इसके जल को प्रत्येक हिंदू अपने घर में रखता है। ऐसा कहते हैं कि गंगा नदी दुनिया की एकमात्र नदी है जिसका जल कभी सड़ता नहीं है। वेद, पुराण, ...
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5 अगस्त 2020 को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम जन्मभूमि पूजने के पूर्व हनुमानगढ़ी क्षेत्र में पारिजात के पौधे का रोपण किया गया। जानिए इसे पेड़ का महत्व और इसके चमत्कारिक फायदे।
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चूहे जैसी आकृति का छछूंदर सभी ने देखा होगा। यह भूरे, सफेद, काले और मटमेले रंग का होता है। यह बहुत ही खतरनाक प्राणी है जो चूहे और सांप को खाने की क्षमता रखता है। उल्लू को छोड़कर कोई इसे खाने की हिम्मत नहीं करता है। आओ जानते हैं इसके घर में होने के ...
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