भारत के 10 महत्वपूर्ण पहाड़, जानिए कौन से

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
'महेन्द्रो मलयः सह्य: शुक्तिमानृक्षपर्वतः, विंध्यश्च पारियात्रश्च सप्तैते कुलपर्वताः।' -महाभारत
 
प्राचीन ऋषियों को मालूम था कि मनुष्य एक दिन पहाड़, नदी और वृक्षों का दुश्मन बन जाएगा। वह अपने उपभोग के लिए तेजी से इनका खात्मा करने लगेगा। सभी लोग नदी के प्रदूषित और लुप्त होने की बातें करते हैं लेकिन नदियों की तरह पहाड़ों को भी बचाने की जरूरत है।
जब हम भारत को बचाने की बात करते हैं तो भारत एक भूमि है। यहां की भूमि के पहाड़ों, नदियों और वृक्षों के साथ ही यहां के पशु, पक्षियों और जलचर जंतुओं को बचाया जाना चाहिए। जो लोग इनको नष्ट कर रहे हैं वे ही भारत के असली दुश्मन हैं। जो लोग पहाड़ों और वृक्षों को कटते देख रहे हैं उनका भी अपराध लिखा जाएगा।
 
 
पहाड़ों का महत्व : कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में एक से एक शानदार पहाड़ हैं, पहाड़ों की श्रृंखलाएं हैं और सुंदर एवं मनोरम घाटियां हैं। पहाड़ को जीवंत बनाने के लिए जरूरी मुख्य तत्वों में पेड़ और पानी- दोनों आवश्यक हैं। वृक्ष से पानी, पानी से अन्न तथा अन्न से जीवन मिलता है। जीवन को परिभाषित करने के लिए जीव और वन- दोनों जरूरी हैं। जहां वन होता है वहीं जीव होते हैं। इनके बिना पहाड़ अधूरा और कमजोर है। दूसरी ओर पहाड़ों के कारण ही नदियों का बहना जारी है। मानव एक ओर जहां पहाड़ काट रहा है वहीं नदियों पर बांध बनाकर उनके अस्तित्व को मिटाने पर तुला है तो दूसरी ओर अंधाधुंध तरीके से पेड़ काटे जा रहे हैं।
 
बायपास सड़क और रेती-गिट्टी के लिए कई छोटे शहरों के छोटे-मोटे पहाड़ों को काट दिया गया है और कइयों को अभी भी काटा जा रहा है। दरअसल, पहले किसी भी पहाड़ के उत्तर में गांव और शहर को बसाया जाता था ताकि दक्षिण से आने वाले तूफान और तेज हवाओं से शहर की रक्षा हो सके। मनुष्य के जीवन में पहाड़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
 
एक दिन मिलेगी पहाड़ काटने की सजा : पहाड़ों के देवता को वेदों में मरुतगण कहा गया है जिनकी संख्या प्रमुख रूप से 49 है। पहाड़ों को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने वाले पर ये मरुतगण नजर रखते हैं। मौत के बाद ऐसे लोगों की दुर्गति होना तय है। जीते जी ही ऐसे लोगों का जीवन नर्क बना ही दिया जाता है। वैदिक ऋषियों ने पहाड़ों के गुणगान गाए हैं। उन्होंने पहाड़ों के लिए कई मंत्रों की रचनाएं की हैं।
 
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक ऐसे कई पहाड़ हैं जिनका धार्मिक और पर्यटनीय महत्व है। भारत में ही विश्व के सबसे प्राचीन और सबसे नए पर्वत विद्यमान हैं। इन पहाड़ों की प्राचीनता और भव्यता देखते ही बनती है। आओ जानते हैं उनमें से प्रमुख 10 पहाड़ों के बारे में संक्षिप्त जानकारी जिनका संरक्षण किए जाने की जरूरत भी है...
 
अगले पन्ने पर पहला पर्वत...
 



और भी पढ़ें :