हिन्दू धर्म के 10 रहस्यमयी ज्ञान, जानिए....

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
7. : यज्ञ कर्म विज्ञान है, कर्मकांड नहीं। इसके विज्ञान को समझे बगैर इसे नकारा नहीं जा सकता। समिधा की लकड़ी और घी से हजारों टन ऑक्सीजन का निर्माण होता है। यज्ञ को पूजा-पाठ नहीं समझना चाहिए। पढ़ें पंच महायज्ञों के बारे में विस्तार से...>
> यज्ञ करने के नियम भी होते हैं। वेदों में जिन यज्ञों की चर्चा की गई है, वही असल में यज्ञ होते हैं। वेदानुसार यज्ञ 5 प्रकार के होते हैं- 1. ब्रह्मयज्ञ, 2. देवयज्ञ, 3. पितृयज्ञ, 4. वैश्वदेव यज्ञ और 5. अतिथि यज्ञ। देवयज्ञ को ही अग्निहोत्र कर्म कहते हैं। यज्ञों का विवरण यजुर्वेद में मिलता है। 

 

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