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ये हैं हनुमानजी के 12 परम भक्त, आप भी चौंक जाएंगे जानकर

सोमवार,अप्रैल 15, 2019
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युग की धारणा हमें पुराण और ज्योतिष में तीन तरह से मिलती है। पहली वह जिसमें एक युग लाखों वर्ष का होता है और दूसरी वह ...
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जैन और हिन्दू दो अलग अलग धर्म है, लेकिन दोनों ही एक ही कुल और खानदान से जन्मे धर्म है। भगवान ऋषभदेव स्वायंभुव मनु से ...
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भगवान श्रीकृष्ण की शारीरिक संवरचना कैसी थी? वे कैसे दिखते थे? यह सवाल शोध का विषय हो सकता है। लेकिन फिर भी हमने पुराणों ...
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* विधाता लिखता है, चित्रगुप्त बांचता है, यमदूत पकड़कर लाते हैं और यमराज दंड देते हैं। मृत्य का समय ही नहीं, स्थान भी ...
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श्री सांईं बाबा जब शिर्डी में अपनी लीला कर रहे थे तब उनके साथ कई लोग थे। उनमें से कुछ उनके विरोधी भी थे, तो कुछ समर्थक। ...
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शिरडी के सांईं बाबा के भक्त म्हालसापति का पूरा नाम म्हालसापति चिमनजी नगरे था। वे पेशे से सुनारी का कार्य करते थे। ...
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हमें वेद-पुराणों में उल्लेखित ययाति के कुल-खानदान को याद रखना चाहिए, क्योंकि इसी से एशिया की जातियों का जन्म हुआ। ययाति ...
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भारत के चक्रवर्ती सम्राट ययाति को उनके श्वसुर दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने वृद्ध हो जाने का शाप दिया था। उनके शाप के चलते ...
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गरुड़ भगवान विष्णु का वाहन हैं। भगवान गरुड़ को विनायक, गरुत्मत्, तार्क्ष्य, वैनतेय, नागान्तक, विष्णुरथ, खगेश्वर, सुपर्ण ...
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हल्दीघाटी युद्ध के बाद भी अकबर ने महाराणा को पकड़ने या मारने के लिए 1577 से 1582 के बीच करीब एक लाख सैन्यबल भेजे। ...
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वेद कहते हैं कि जो जन्मा है, वह मरेगा अर्थात जो बना है, वह फना है। वेदों के अनुसार ईश्वर या परमात्मा अजन्मा, अप्रकट, ...
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भगवान श्रीकृष्ण का भगवान होना ही उनकी शक्ति का स्रोत है। वे विष्णु के 10 अवतारों में से एक आठवें अवतार थे, जबकि 24 ...
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हनुमान इस कलियुग में सबसे ज्यादा जाग्रत और साक्षात हैं। कलियुग में हनुमान की भक्ति ही लोगों को दुख और संकट से बचाने में ...
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बहुत कम लोग जानते होंगे कि भगवान श्रीकृष्ण ने कब, कहां और कैसे देह को त्याग दिया था। आओ जानते हैं इसी बारे में ...
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महर्षि भृगु के प्रपौत्र, वैदिक ॠषि ॠचीक के पौत्र, जमदग्नि के पुत्र, महाभारतकाल के वीर योद्धाओं भीष्म, द्रोणाचार्य और ...
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कहते हैं कि वे कलिकाल के अंत में उपस्थित होंगे। ऐसा माना जाता है कि वे कल्प के अंत तक धरती पर ही तपस्यारत रहेंगे। ...
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अयोध्या के राजा हरिशचंद्र बहुत ही सत्यवादी और धर्मपरायण राजा थे। वे भगवान राम के पूर्वज थे। वे अपने सत्य धर्म का पालन ...
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बहुत से ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं दलित समाज के लोग वशिष्ठ गोत्र लगाते हैं। वे सभी वशिष्ठ कुल के हैं। वशिष्ठ नाम से ...
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ऋग्वेद के मंत्रद्रष्टा और गायत्री मंत्र के महान साधक सप्तऋषियों में से एक महर्षि वशिष्ठ के पौत्र महान वेदज्ञ, ...
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