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10 secrets about elephants : हाथी के बारे में 10 राज, जो नहीं जानते हैं आप

Updated: गुरुवार, 12 अगस्त 2021 (17:41 IST)
हमारी धरती पर हाथी सबसे संवेदनशील प्राणी है। यह मनुष्य से ज्यादा समझदार और बुद्धिमान माना गया है। इससे भी ज्यादा संवेदनशील और बुद्धिमान जलचर प्राणी डॉल्फिन को माना जाता है। आजो जानते हैं हाथी के बारे में 10 रहस्य।
 
 
1. हिन्दू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हाथियों का जन्म ऐरावत नाम के हाथी से माना जाता है। मतलब यह कि जैसे मनुष्‍यों का पूर्वज बाबा आदम या स्वयंभुव मनु है उसी तरह हाथियों का पूर्वज ऐरावत है। ऐरावत की उत्पत्ति समुद्र मंथन के समय हुए थी और इसे इंद्र ने अपने पास रख लिया था।
 
2. हाथी को दुनिया के सभी धर्मों में पवित्र प्राणी माना गया है। इस पशु का संबंध विघ्नहर्ता गणपति जी से है। गणेश जी का मुख हाथी का होने के कारण उनके गजतुंड, गजानन आदि नाम हैं। भारत में अधिकतर मंदिरों के बाहर हाथी की प्रतीमा लगाई जाती है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार भारतीय घरों में भी चांदी, पीतल और लकड़ी का हाथी रखने का प्रचलन है।
 
3. हिन्दू धर्म में अश्विन मास की पूर्णिमा के दिन गजपूजाविधि व्रत रखा जाता है। सुख-समृद्धि की इच्छा से हाथी की पूजा करते हैं। हाथी को पूजना अर्थात गणेशजी को पूजना माना जाता है। हाथी शुभ शकुन वाला और लक्ष्मी दाता माना गया है।
 
4. पौराणिक कथा के अनुसार हाथी द्वारा विष्णु स्तुति का वर्णन मिलता है। गजेन्द्र मोक्ष कथा में इसका वर्ण मिलेगा। गजेन्द्र नामक हाथी को एक नदी के किनारे एक मगहर ने उसका पैर अपने जबड़ों में पकड़ लिया था जो उसके जबड़े से छूटने के लिए विष्णु की स्तुति की। श्री हरि विष्णु ने गजेन्द्र को मगर के ग्राह से छुड़ाया था। 
 
5. गीता में श्री कृष्ण कहते हैं कि हे अर्जुन में हाथियों में ऐरावत हूं। 
 
6. हिंदुस्तान में प्राचीनकाल से ही राजा लोग अपनी सेना में हाथियों को शामिल करते आएं हैं। प्राचीन समय में राजाओं के पास हाथियों की भी बड़ी बड़ी सेनाएं रहती थीं जो शत्रु के दल में घुसकर भयंकर संहार करती थीं। 
 
7. भारत में राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थाई समिति की 13 अक्टूबर, 2010 को हुई बैठक में हाथियों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद पर्यावरण मंत्रालय ने 15 अक्टूबर, 2010 को इस सम्बंध में अधिसूचना जारी की थी।
 
8. हाथी की उम्र 100 वर्ष से अधिक होती है। हथिनियों में गर्भावस्था 18 से 22 महीने तक की होती है। प्रत्येक मिनट हाथी 2 से 3 बार ही सांस लेता और छोड़ता है। हाथी इकलौता ऐसा जानवर है जो कूद नहीं सकता, लेकिन यह लंबे समय तक तैरने की क्षमता रखता है। चींटी हाथी की सूंड में घुंस जाए तो वह मरने की कगार पर पहुंच जाता है इसीलिए हाथी फूंक फूंक कर कदम रखता है।
 
9. हाथियों की सूंघने की शक्ति बहुत ही तीव्र होती है। कहते हैं कि एक हाथी पानी की गंध को लगभग 4 से 5 किलोमीटर दूर से ही सूंघ लेता है। जानवरों में हाथियों का दिमाग सबसे तेज होता है। हाथी की स्मृति बहुत ही तेज होती है यह अपने हर साथी की पहचान कर उसके साथ बिताए हर दिन को याद रखते हैं। हाथी कभी भी आपस में लड़ते झगड़ते नहीं है यह बहुत ही अपवाद स्वरूप होता होगा। झुंड का कोई हाथी मर जाए तो सभी को बहुत दुख होता है। 
 
10. हाथी संसार का सबसे भारी जीव है। एक इंच मोटी चमड़ी वाले का वजन कम से कम 10 हजार किलो तक का हो सकता है। हाथी खड़े खड़े ही सोते हैं वह भी दिन में करीब 4 घंटे। हाथी के शरीर का सबसे मुलायम हिसा उसके कान के पीछे होता है इसीलिए उसे कान से ही काबू में किया जाता है। 5 करोड़ साल पहले हाथियों की 170 प्रजातियां पाई जाती थी लेकिन अब मात्र दो ही बची है- एलिफ्स (Elephas) तथा लॉक्सोडॉण्टा (Loxodonta).

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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