तांका 10 तुम्हें याद है रेत के घरौंदों में सजे सपने किताबों के अंदर प्रेम की रुबाइयां। पिघला चांद चांदनी की सरिता बहता रूप अलसाई आंखों में रुपहले सपने। ओस में भीगे हमारे अहसास चांदनी रात चांद के उस पार तेरा-सा अक्स दिखा। नेह की...