biodatamaker
✕

रिपब्लिक डे के मौके पर मंच पर स्पीच देने से पहले, इन बातों का जरूर ध्यान रखें

Updated: शुक्रवार, 25 जनवरी 2019 (13:11 IST)
रिपब्लिक डे जैसे खास मौकों पर अधिकतर जगहों पर आयोजन होते हैं। ऐसे में मंच पर जाकर स्पीच देने की जरूरत भी कई लोगों को पड़ती है। अगर आप भी गणतंत्र दिवस के दिन कहीं पर स्पीच देने वाले हैं, तो आइए हम आपकी थोड़ी मदद करदें और आपको ये बताएं कि आप अपनी स्पीच कैसे तैयार कर सकते हैं - 
 
1 सबसे पहले तो ये याद रखें कि आपकी स्पीच का मकसद क्या है? अधिकतर मामलों में मौजूद दर्शकों का मनोबल बढ़ाना और कार्यक्रम की एक अच्छी उत्साह बढ़ाने वाली शुरूआत करना होता है।   
 
2 आपकी स्पीच उत्साहित करने वाली और आगे के कार्यक्रम के लिए माहौल तैयार करने वाली होनी चाहिए न कि ऐसी जो कार्यक्रम के माहौल को ठंडा दें।
 
2. अपनी स्पीच के दौरान मंच पर दिया गया समय सीमा का ख्याल रखें। ऐसा न हो कि आपकी निर्धारित समय से लंबी स्पीच की वजह से दूसरे वक्ताओं का नंबर आने में देरी हो और कार्यक्रम का माहौल खराब हो।
 
3. आपके बाद कितने और लोगों की प्रस्तुति है, कार्यक्रम किस समय सीमा में खत्म करना है, इस सभी बातों को ध्यान रखते हुए ही बोलें और स्पीच तौयार करें।
 
4. लंबी स्पीच से ज्यादा जरूरी ये हैं कि आपका भाषण असरदार हो और जब आप मंच छोड़ें, तब तक लोगों को आपको और सुनने की इच्छा बची हो न की वे उब चुके हो।
 
5. आपकी स्पीच ऐसे हो कि आपके मंच से उतरने पर सुनने वालों के चेहरे पर मुस्कुराहट हो, दिल में जोश और राष्ट्रभावना भरी हो और साथ ही हाथों से तालियां बज रही हो।
 
6. भाषण चाहे छोटा-सा हो लेकिन उद्देश्यपूर्ण हो। रिपब्लिक डे से जुड़े तथ्य तो जो है, वे तो वही रहेंगे लेकिन आपके बोलने का अंदाज जोशीला होना चाहिए।
 
7. मुख्य बात यह भी है कि आप चाहे जो भी कह रहे हो, पहले खुद उसे स्वीकारें, मानें, महसूस करें तभी उसे दूसरों से कहें। तभी आपका भाषण असरदार होगा।
 
8 अब बात आती है पहनावे की, तो इसे आयोजन के अनुरूप रखें। इससे दर्शक आपको सुनने से पहले देखकर ही आपसे जुड़ाव महसूस करेंगे और आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे, इसकी संभावना बढ़ जाएगी।
 
9 अगर आप स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट हो, तो वहां से अगर कोई ड्रेसकोड दिया हो तो वही पहनें। अगर किसी अन्य जगह आयोजन हो, तो इस मौके पर  लड़कों के लिए कुर्ता-पाजामा, नेहरू जैकेट और लड़कियों के लिए सलवार-कमीज, कुर्ती या साड़ी पहनना बेहतर रहता है।
लेखक के बारे में
नम्रता जायसवाल

Show comments

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

सभी देखें

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर UP में दीपोत्सव जैसा माहौल, सीतापुर में मोदी-योगी की आकृति तो मेरठ में 'आशीर्वाद का दीया' बना आकर्षण

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

UPI विवाद पर हंसराज विश्वकर्मा का राहुल गांधी-अखिलेश पर निशाना , बोले- दोनों के बीच सांठगांठ

अंबेडकरनगर में 1100 बीघा जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पराली से बनेगी बायो गैस

अगला लेख