क्यों डराती है 26 तारीख?


स्मृति आदित्य|
26 और इतिहास की डरावनी यादें  26 जनवरी। हमारा राष्ट्रीय पर्व। एक अत्यंत शुभ दिन। वह दिन जब हमने अपना लागू किया था। जनता का, जनता के लिए, जनता द्वारा शासन को सर्व सम्मति से स्वीकार किया था। इस दिन की शुभता पर भला कैसे प्रश्न चिन्ह खड़े किए जा सकते हैं? फिर भी पता नहीं क्यों रह-रह कर याद आती है देश को संकट में डालने वाली तमाम 26 तारीखें। वे तारीखें जो भयावह है। जो दिल को दहला देने वाली है। > >
 
वे 26 तारीखें जिनमें चीख और चित्कार गूंज रही है। वे 26 तारीख, जिनसे कंपन और रूदन उठकर आ रहा है। इसे ज्योतिष की दृष्टि से कुयोग भी कैसे कहें? इसी दिन देश का आता है। एक पवित्र दिवस।

किन्तु क्या यह भी सच नहीं है कि इस एक दिनांक के अलावा हमारे देश ने अतीत में 26 तारीख की अशुभता को झेला है। अंक शास्त्र इस दिनांक को अशुभ कहता है। यह दानवी शक्तियों को सफलता देने वाली दिनांक कही गई है। माना गया है कि 23 का अंक भारतीय परिप्रेक्ष्य में शुभ है वहीं 26 का अंक इसके उलटे परिणाम देता है। देखने में 23 जहां ॐ का आभास देता है वहीं 26 अशुभ चिन्ह बनता है। जो भारत के मूलांक के विपरीत होने से बार-बार संकट में डालता है। हम इस सच को चाहे तब भी नहीं नकार सकते।




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