dharma sangrah
✕

शनि प्रदोष कथा : आज Shani Pradosh की इस पौराणिक कथा को पढ़ने से मिलेगा संतान का सुख और अपार खुशियां

Updated: शनिवार, 21 मार्च 2020 (09:55 IST)
Shani Pradosh Story
21 मार्च 2020, शनिवार के दिन शनि प्रदोष व्रत किया जा रहा है। शनि प्रदोष के दिन भगवान शंकर और शनिदेव पूजन किया जाता है। शनि प्रदोष के संबंध में वर्णित पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक नगर सेठ थे।  
 
सेठजी के घर में हर प्रकार की सुख-सुविधाएं थीं लेकिन संतान नहीं होने के कारण सेठ और सेठानी हमेशा दुःखी रहते थे। काफी सोच-विचार करके सेठजी ने अपना काम नौकरों को सौंप दिया और खुद सेठानी के साथ तीर्थयात्रा पर निकल पड़े। 
 
अपने नगर से बाहर निकलने पर उन्हें एक साधु मिले, जो ध्यानमग्न बैठे थे। सेठजी ने सोचा, क्यों न साधु से आशीर्वाद लेकर आगे की यात्रा की जाए। सेठ और सेठानी साधु के निकट बैठ गए। साधु ने जब आंखें खोलीं तो उन्हें ज्ञात हुआ कि सेठ और सेठानी काफी समय से आशीर्वाद की प्रतीक्षा में बैठे हैं। 
 
साधु ने सेठ और सेठानी से कहा कि मैं तुम्हारा दुःख जानता हूं। तुम शनि प्रदोष व्रत करो, इससे तुम्हें संतान सुख प्राप्त होगा। साधु ने सेठ-सेठानी प्रदोष व्रत की विधि भी बताई और शंकर भगवान की निम्न वंदना बताई। 
 
हे रुद्रदेव शिव नमस्कार।
शिवशंकर जगगुरु नमस्कार।।  
हे नीलकंठ सुर नमस्कार। 
शशि मौलि चन्द्र सुख नमस्कार।।
हे उमाकांत सुधि नमस्कार।
उग्रत्व रूप मन नमस्कार।।
ईशान ईश प्रभु नमस्कार।
विश्‍वेश्वर प्रभु शिव नमस्कार।। 
 
दोनों साधु से आशीर्वाद लेकर तीर्थयात्रा के लिए आगे चल पड़े। तीर्थयात्रा से लौटने के बाद सेठ और सेठानी ने मिलकर शनि प्रदोष व्रत किया जिसके प्रभाव से उनके घर एक सुंदर पुत्र का जन्म हुआ और खुशियों से उनका जीवन भर गया। 

ALSO READ: Shani Pradosh Vrat 2020 : बेहद खास है शनिवार को आने वाला प्रदोष व्रत, जानिए क्यों माना गया है लाभकारी
 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

कैसे हुए करवाचौथ की शुरुआत? जानें इतिहास और व्रत के खास नियम

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 अक्‍टूबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

क्यों मनाई जाती है शरद पूर्णिमा? देवी लक्ष्मी से क्या है संबंध? जानिए इसका धार्मिक महत्व

कब हो‍ती है भगवान विष्णु के अनंत स्‍वरूप की पूजा? जानिए पूजन का महत्‍व और लाभ

पापांकुशा एकादशी पर मिलती है सभी पापों से मुक्ति, पढ़िए इसकी कथा और व्रत के फायदे

अगला लेख