Hanuman Jayanti Special | प्रसिद्ध हनुमान मंदिर
- हेमंत उपाध्याय
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खजूर के पेड़ से निकली थी प्रतिमा : इंदौर के पंचकुइया क्षेत्र की वीर बगीची में स्थित हनुमान मंदिर करीब 400 साल पुराना बताया जाता है। इस मंदिर में स्थापित प्रतिमा खजूर के पेड़ से निकली थी, जिसे बाद में ऊपर लाकर मंदिर में स्थापित किया गया। यह मंदिर अग्निअखाड़े से संबंधित है।
मंदिर की चौथी पीढ़ी के पुजारी मोहनलाल पारीख ने बताया कि मंदिर से जुड़े कई चमत्कार हैं। लेकिन एक बात तय है कि यहाँ आने पर व्यक्ति के मन को शांति मिलती है। हनुमान जयंती पर यहाँ विशेष आयोजन होते हैं। पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ ही यहाँ आयोजित भंडारे में हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते हैं।
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भारद्वाज के पिता जगदीशसिंह ने वर्ष-1990 में तीसरी बार मंदिर का नवीनीकरण किया। भारद्वाज परिवार ने 2005 तक इस मंदिर की सेवा की और अब यह मंदिर शासन के अधिकार में है। रामनवमी और हनुमान जयंती पर यहाँ विशेष श्रृंगार, अनुष्ठान, पूजापाठ और आरती की जाती है।
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यहाँ बाल भक्त हनुमान की लघु और आकर्षक प्रतिमा है जो हाथ जोड़कर खड़ी है। इसके सामने ही श्रीराम दरबार है। मंदिर में 40 साल से निरंतर करीब डेढ़ घंटे आरती होती है। हनुमान जयंती पर यहाँ अभिषेक के साथ विशेष चोला चढ़ाया जाता है। रात में स्वर्ण श्रृंगार कर जन्मआरती की जाती है। सुबह छ: बजे होने वाली आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
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दक्षिणमुखी संजीवनी हनुमान : नरसिंह मंदिर, नरसिंह बाजार में स्थित दक्षिण मुखी संजीवनी हनुमान का मंदिर करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। पाँच फुट ऊँची दक्षिणमुखी प्रतिमा संजीवनी पर्वत धारण किए काफी चमत्कारी है। यहाँ वर्षभर में करीबन 25 श्रृंगार चोले मूर्ति को धारण कराए जाते हैं।
