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कैलाश मानसरोवर यात्रा 30 जून से होगी शुरू, 750 भारतीय कर सकेंगे आवेदन, चीन से मिली अनुमति

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 28 मई 2025 (16:39 IST)
Kailash Mansarovar Yatra: वर्ष 2020 से कैलाश मानसरोवर यात्रा रुकी हुई थी लेकिन अब चीन से इजाजत मिलने के बाद 30 जून से शुरू होगी यात्रा जो अगस्त तक चलेगी। इसके लिए फिलहाल 750 भारतीयों को यात्रा पर ले जाया जाएगा। यात्रा पर जाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होंगे। आवेदन के लिए आप http://kmy.gov.in वेबसाइट पर जा सकते हैं। आवेदकों में से यात्रियों का चयन निष्पक्ष, कंप्यूटर के माध्यम से रैंडमली और लिंग-संतुलित चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
 
यात्रा में एक दल में रहेंगे 50 यात्री:
विदेश मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष 5 बैच, जिनमें से प्रत्येक में 50 यात्री होंगे जो सभी उत्तराखंड से लिपुलेख दर्रे को पार करते हुए यात्रा करेंगे, जबकि 10 बैच, जिनमें से प्रत्येक में 50 यात्री सिक्किम से नाथूला दर्रे को पार करते हुए यात्रा करेंगे। यात्रा का संचालन प्रदेश सरकार और विदेश मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से किया जाएगा।
 
केएमवीएन को देना होंगे 56 हजार रुपए:
लिपुलेख दर्रे से उत्तराखंड का कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) यात्रा का आयोजन करता है। इसके लिए इस बार मंडल को  35,000 की जगह 56 हजार रुपए देना होंगे।केएमवीएन इस धनराशि से यात्रियों के आने-जाने, ठहरने और भोजन आदि का प्रबंध करेगा। इसके अलावा, मेडिकल जांच, चीन का वीजा, कुली, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और चीन सीमा में अलग से खर्च करना पड़ेगा। 
 
यात्रा का शेड्यूल ये रहेगा:
यह यात्रा दिल्ली से प्रारंभ होकर पिथौरागढ़ के लिपुलेख पास मार्ग से संचालित की जाएगी। प्रत्येक जत्थे की 22 दिनों की यात्रा रहेगी। पहला जत्था 10 जुलाई को लिपुलेख पास से होते हुए चीन में प्रवेश करेगा। अंतिम 22 अगस्त को चीन से भारत के लिए प्रस्थान करेगा। प्रत्येक दल दिल्ली से प्रस्थान कर टनकपुर, धारचूला में एक-एक रात, गुंजी व नाभीढांग में दो रात रुकने के बाद (तकलाकोट) चीन में प्रवेश करेगा। कैलाश दर्शन के बाद वापसी में चीन से प्रस्थान कर बूंदी, चौकोड़ी, अल्मोड़ा में एक-एक रात रुकने के बाद दिल्ली पहुंचेगा।
आवेदन के लिए इन चिजों की रहेगी आवश्यकता 
- एजेंसी
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