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Bhuj : गुजरात का भुज शहर, जानिए 10 खास बातें

Updated: सोमवार, 12 जुलाई 2021 (17:58 IST)
गुजरात के कच्छ जिला क्षेत्र की राजधानी भुज एक प्राचीन और ऐतिहासिक शहर है। आओ जानते हैं भुज के संबंध में 10 खास बातें।
 
 
1. रण उत्सव : भुज का रण क्षेत्र बहुत प्रसिद्ध है। इसीलिए यहां पर प्रसिद्ध रण उत्सव मनाया जाता है। भुज विरासत और संस्कृति का खजाना है। भुज हथकरघा के कार्यों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है जहां पर पास के गांवों के कलाकार अपने हाथों से निर्मित वस्तुएं बेचने के लिए लाते हैं। 
 
2. भुजियो डंगर : ऐसा कहा जाता है कि शहर का नाम भुजियो डंगर से प्रेरित होकर रखा गया था। यह 160 मीटर की पहाड़ी थी जो भुज पर फैली हुई थी।
 
3. इतिहास : 8वीं से 16वीं सदी तक भुज पर सिंध के सम्मा राजपूतों का अधिकार था जिन्होंने अंतत: जडेजा राजपूतों के कब्जे को स्वीकार कर लिया था। 16वीं शताब्दी के अंत में मुगलों ने भुज पर अधिकार कर लिया था। बाद में लखपतजी राजा के अधिन रहा फिर अंग्रेजों के अधिकार में हो गया।
 
4. छतरियां : भुज में वास्तुकला की अद्भत संरचनाओं को देखा जा सकता है। इन सुंदर स्मारकों, छत्ररियों और महलों का निर्माण भुज के जडेजा शासक राव लखपतजी ने करवाया था। इसमें उन स्थलों में से एक सती पत्थर भी हैं, जहां उनकी मृत्यु के बाद उनकी 15 पत्नियों ने अपने प्राण त्याग दिए थे। 
 
5. हमीरसार झील : भुज में हमीरसार झील देखने लायक स्थान है। भुज शहर के मध्य में स्थित, हमीरसर झील एक कृत्रिम झील है। इस झील को भरने के लिए अलग-अलग सुरंगों और चैनलों ने तीन नदियों से पानी निकाला जाता है। इस झील को राव खेंगरजी ने 1548 से 1584 के बीच में कभी बनवाया था। झील के बीच में एक टापू भी है जिसे राजेन्द्र पार्क कहते हैं। झील में बतखें और हंसों के जोड़ों को तैरते हुए देख सकते हो।
 
6. भुजियो हिल : भुजियो हिल से शहर की सुंदरता के दर्शन होते हैं। यहां से किले की झलक भी मिलती है। जनश्रुति अनुसार यह अतीत में नागा सरदारों का घर था। इसीलिए यहां पर एक मंदिर है जो भुजंग को समर्पित है।
 
7. आइना महल : रंजीत विलास पैलेस भी देखने लायक जगह हैं। इसके अलावा आइना महल भी बहुत शानदार है। इसे "हॉल ऑफ मिरर्स" के नाम से भी जाना जाता है। आइना महल एक आकर्षक संरचना है जिसमें स्तंभों, दीवारों, छत और खिड़कियों पर कई कांच के प्रदर्शन के रूप में विस्तृत रूप से प्रतिबिंबित अंदरूनी हैं। इसे 1761 में राव लखपतजी द्वितीय ने बनवाया था। 
 
8. श्री स्वामीनारायण मंदिर : श्री स्वामीनारायण मंदिर भी पर्यटकों को लिए खास डेस्टिनेशन है। हमीरसर झील के पास, यह मंदिर 2001 के भूकंप में खंडित हो गया था परंतु अब फिर से इसका निर्माण कर दिया गया है। पहले 1822 में इसका निर्माण हुआ था।
 
9. प्राग महल : प्राग महल में कई लोकप्रिय बॉलीवुड फिल्में जैसे लगान, हम दिल दे चुके सनम आदि की शूटिंग की गई है। इसका निर्माण 1865 में राव प्रागमलजी द्वितीय ने शुरू करवाया था। प्रागमहल में एक घण्टाघर भी है। झील के उस पार से प्राग बहुत ही सुदंर नजर आता है।
 
10. रेगिस्तान : कच्छ एक रेगिस्तान क्षेत्र है। यहां का रेगिस्तान दुनिया का सबसे अलग रेगिस्तान है जो कि सफेद है। आमतौर पर रेगिस्तान पीले होते हैं परंतु यह सफेद है। यह सफेद रेगिस्तान रेत का नहीं, बल्कि नमक का है। इसे द ग्रेट रण ऑफ कच्छ कहते हैं।
 
photo courtesy : gujarattourism dp.
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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