sundarkand
✕

कोरोना के कारण नहीं जा सकते हैं हरिद्वार कुंभ मेले में तो क्या करें?

Written By WD
Updated: शुक्रवार, 22 जनवरी 2021 (12:55 IST)
प्रयागे माघ पर्यन्त त्रिवेणी संगमे शुभे।
निवासः पुण्यशीलानां कल्पवासो हि कश्यते॥- (पद्‌मपुराण)
 
कुंभ में सभी लोग नहीं जा पाते हैं, लेकिन जाने का सोचते जरूर हैं। यह समय दान, जप, ध्यान और संयम का समय रहता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि कुंभ में जाए बगैर ही कैसे पुण्य लाभ कमाया जा सकता है?
 
कुंभ में इस वक्त कल्पवास चल रहा है। कुंभ में जहां स्नान करने का महत्व है वहीं कल्पवास में नियम-धरम का पालन करने का महत्व है। दूसरी ओर कुंभ में प्रवचन सुन कर, दान करके और पितरों के लिए तर्पण करके भी लोग पुण्य लाभ कमाते हैं। आप चाहें तो ये सब कुछ करके भी पुण्य लाभ कमा सकते हैं-
 
1.प्रतिदिन हल्दी मिले बेसन से स्नान करने के पश्चात्य सुबह-शाम संध्यावंदन करते समय भगवान विष्णु का ध्यान करें और निम्न मंत्र-क्रिया से स्वयं को पवित्र करें।
 
संध्यावंदन का मंत्र :
ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपि वा।
यः स्मरेत पुण्डरीकांक्ष से बाह्याभ्यंतरः शुचि।
 
इस मंत्र से आचमन करें-
ॐ केशवायनमः ॐ माधवाय नमः ॐ नाराणाय नमः का जाप करें।
 
हाथ में नारियल, पुष्प व द्रव्य लेकर यह मंत्र पढ़ें। इसके बाद आचमन करते हुए गणेश, गंगा, यमुना, सरस्वती, त्रिवेणी, माधव, वेणीमाधव और अक्षयवट की स्तुति करें।
 
2.जब तक कुंभ चल रहा हैं तब तक प्रतिदिन एक वक्त का सादा भोजन करें और मौन रहें। 
 
2.आप किसी योग्य व्यक्ति को दान दे सकते हैं। दान में अन्यदान, वस्त्रदान, तुलादान, फलदान, तिल या तेलदान कर सकते हैं।
 
3.गाय, कुत्ते, पक्षी, कव्वा, चींटी और मछली को भोजन खिलाएं। गाय को खिलाने से घर की पीड़ा दूर होगी। कुत्ते को खिलाने से दुश्मन आपसे दूर रहेंगे। कव्वे को खिलाने से आपके पितृ प्रसंन्न रहेंगे। पक्षी को खिलाने से व्यापार-नौकरी में लाभ होगा। चींटी को खिलाने से कर्ज समाप्त होगा और मछली को खिलाने से समृद्धि बढ़ेंगी।
 
4.आप संकल्प लें- किसी किसी भी तरह के व्यवसन का सेवन नहीं करूंगा, क्रोध और द्वेष वश कोई कार्य नहीं करूंगा, बुरी संगत और कुवचनों का त्याग करूंगा और सदा माता-पिता व गुरु की सेवा करूंगा।
 
-वेबदुनिया संदर्भ 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: तिथि, योग, घटस्थापना एवं पूजा के मुहूर्त और खास उपाय

दुर्गा आरती: जय अम्बे गौरी| Durga aarti om jai ambe gauri

सर्वपितृ शनिश्चरी अमावस्या पर श्राद्ध करने का सटीक समय, गजच्छाया योग और विधि

इस शारदीय नवरात्रि की संधिपूजा कब होगी 19 या 20 अक्टूबर 20226, क्या रहेगा शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि की नवपत्रिका पूजा कब है? क्या रहेगा शुभ मुहूर्त

अगला लेख