dharma sangrah
✕

10 जुलाई से 4 नवंबर तक सो जाएंगे देवता, नहीं होंगे मांगलिक कार्य

Updated: रविवार, 3 जुलाई 2022 (15:47 IST)
इस बार हरिशयनी (देवशयनी, Devshayani Ekadashi) एकादशी 10 जुलाई 2022, दिन रविवार को मनाई जा रही है। धार्मिक महत्व के अनुसार देवशयनी एकादशी के साथ ही 4 महीने के लिए भगवान श्री विष्णु (Sri Vishnu) शयनगार चले जाते है तथा सृष्टि का भार इन दिनों भगवान भोलेनाथ संभालते हैं। श्रीविष्‍णु के शयन काल के कारण ही इस समयावधि में शुभ मांगलिक कार्य, नूतन गृह प्रवेश, नई खरीददारी, जातकर्म संस्कार आदि बंद हो जाते हैं। 
 
जब श्रीविष्णु अपनी निद्रा से जागते हैं यानी देवउठनी एकादशी से ही मांगलिक शुभ विवाह जैसे कार्यक्रम के आयोजन पुन: 4 माह बाद शुरू होंगे। देवशयनी एकादशी और चातुर्मास के दौरान धार्मिक कार्यक्रम अधिक शुरू हो जाते हैं तथा धर्मालुजन व्रत-उत्सवों के साथ 4 माह तक व्रत का संकल्प लेते हैं। चार्तुमास के इन दिनों में पापों का नाश करने तथा सौभाग्य और संतान के अच्‍छे जीवन के लिए धर्म-कर्म करते हैं। इन 4 महीने के दौरान अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या, असत्य वचन आदि से बचना चाहिए। 
 
(Devshayani Ekadashi) देवशयनी एकादशी के संदर्भ में एक पौराणिक प्रसंग के अनुसार- राजा बलि परम वैष्णव भक्त था। उसने इंद्र को परास्त कर स्वर्ग पर अधिकार कर लिया था। भगवान श्रीविष्णु ने उससे युद्ध करना उचित न समझा और छलपूर्वक वामन रूप धारण करके उससे तीन पग भूमि मांग ली।

तब स्वर्ग लोक, मृत्यु लोक आदि नाप लिए और तीसरा पैर राजा के सिर पर रखा तथा इंद्र को राज्य लौटा कर राजा बलि को पाताल भेज दिया। इसी के उपरांत भगवान श्र‍ीहरि ने चातुर्मास के लिए शयन किया।
 
मान्यतानुसार जब भगवान श्रीविष्णु शयन करते हैं, तब मांगलिक कार्य के आयोजन नहीं होते हैं। इन 4 माहों तक धर्म-ध्यान ही होते हैं। इसमें खास तौर श्रावण में शिव उत्सव, भाद्रपद में श्रीमद्‍भागवत, आश्विन में श्राद्ध और देवी दुर्गा की आराधना होती है और फिर कार्तिक शुक्ल एकादशी को देव जागते हैं, तत्पश्चात मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।

अत: इस बार 10 जुलाई देवशयनी एकादशी से 4 नवंबर 2022 देव प्रबोधिनी एकादशी तक यानी श्रीहरि के शयन काल के दौरान मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 

Devshayani Ekadashi

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 07 अक्‍टूबर 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

शारदीय नवरात्रि 2026: 9 दिन पहनें 9 शुभ रंग, जानें किस तिथि को कौन-सा रंग पहनना माना जाता है शुभ

Sarva pitru amavasya 2026: श्राद्ध पक्ष में सर्वपितृ अमावस्या पर इस तरीके से करें श्राद्ध कर्म, सभी पितृ होंगे तृप्त

Indira Ekadashi 2026: आज पितरों को मोक्ष दिलाने वाली इंदिरा एकादशी, जानें पूजा-तर्पण का शुभ मुहूर्त और पारण का समय

शारदीय नवरात्रि 2026: नवरात्र पर प्रत्येक दिन करें एक उपाय माता होंगी प्रसन्न

अगला लेख