7 बड़े धर्मान्तरण और भारत बन गया बहुधर्मी देश

आधुनिक संतों का संप्रदाय : आधुनिक युग के तथाकथित संप्रदायों का प्रचलन पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अधिक रहा। जैसे ब्रह्म समाज, आर्य समाज, रामकृष्‍ण मिशन, आर्य समाज, बाबा जयगुरुदेव का मत, ब्रह्मा कुमारी, राधास्वामी मत, डेरा सच्चा सौदा, संत रामपाल का मत आदि ऐसे भारत में कई मत प्रचलित हैं जिन्होंने की अपने अपने तरीके से व्याख्याकर धर्म का सत्यानाश कर दिया है।
अंतत: भारत एक ऐसा विशाल देश है, जहां धर्मान्तरण, नए समाज या धर्म की रचना के चलते सर्वाधिक विविधता का मिश्रण हो चला है। इसके बावजूद सभी भारतीय हैं, क्योंकि सभी के पूर्वज राम, कृष्ण और ऋषि-मुनि थे। हम सभी राजा सूर्य (विवस्वान्), चंद्र, ऋषि, मुनि, मनु और कश्यप ऋषि की संतानें हैं।> > भारत में लगभग 15 प्रमुख भाषाएं हैं और 844 बोलियां हैं। आर्यों की संस्‍कृत भाषा के पूर्व द्रविड़ भाषा में विलय से भारत में कई नई भाषाओं की उत्‍पत्‍ति हुई। हिन्दी भारत की संपर्क भाषा है और हम सब भारतीय हैं। 3 से 5 हजार वर्ष पहले, गुजराती, मराठी, पंजाबी, तमिल या बंगाली भाषा नहीं थी। सभी जगह स्थानीय बोलियां थीं और सभी संस्कृत के माध्यम से संपर्क में रहते थे।
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