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माता यशोदा के बारे में 5 अनसुनी बातें

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2025 (12:39 IST)
Who Was yashoda: माता यशोदा, भगवान कृष्ण की पालक मां के रूप में जानी जाती हैं, उनके जीवन से जुड़ी कई रोचक कहानियां हैं। भगवान कृष्ण की माखन लीला, कालिया उद्धार, पूतना वध, गोचारण, गोवर्धन धारण और कृष्ण की रासलीला आदि अनेक लीलाओं से यशोदा मैया को अपार सुख मिला।ALSO READ: Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के 5 खास अचूक उपाय, आजमाएंगे तो मिलेगा अपार लाभ
 
इनमें से 5 अनसुनी बातें इस प्रकार हैं:
 
1. माता यशोदा का असली नाम:- भागवत पुराण के अनुसार, माता यशोदा का असली नाम 'सुभद्रा' था। उन्हें 'यशोदा' नाम नंदराय जी के साथ विवाह के बाद मिला, जिसका अर्थ है 'यश' (कीर्ति) और 'दा' (देने वाली)।
 
2. माता यशोदा की सगी बेटी:- माता यशोदा की एक बेटी भी थीं, जिनका नाम एकांगा था, जो योगमाया भी थीं। यशोदा की बेटी ने 8 भुजाओं वाली देवी का रूप धारण कर लिया, आगे जाकर माता विंध्यवासिनी देवी के रूप में विख्यात हुई। यह बात कम लोग जानते हैं, क्योंकि एकांगा का वर्णन अधिक नहीं मिलता।
 
3. रोहिणी और बलराम का संबंध:- भगवान श्री कृष्ण इन्हीं नंद-यशोदा के पुत्र बने और बलराम, जो कृष्ण के बड़े भाई थे, वास्तव में रोहिणी के पुत्र थे। लेकिन उनका पालन-पोषण भी माता यशोदा ने ही किया था। अत: यशोदा ने बलराम के पालन-पोषण की भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो, रोहिणी के पुत्र और सुभद्रा के भाई थे।
 
4. विवाह की रोचक कहानी:- माता यशोदा का विवाह गोकुल के प्रसिद्ध व्यक्ति नंदराय जी के साथ बड़ी धूमधाम से हुआ था। कहा जाता है कि इस विवाह में स्वयं ब्रह्मा जी और अन्य देवता भी शामिल हुए थे।
 
5. कंस के वध की भविष्यवाणी:- जब कृष्ण का जन्म हुआ, तो आकाशवाणी हुई थी कि कंस का वध उन्हीं के हाथों होगा। यह भविष्यवाणी सुनकर माता यशोदा बहुत डर गई थीं, लेकिन उन्हें कृष्ण पर अटूट विश्वास था।
 
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