हिन्दू वोटों के सहारे सत्ता में आए नरेन्द्र मोदी : शिवसेना

मुंबई| पुनः संशोधित शुक्रवार, 19 जून 2015 (16:59 IST)
मुंबई। शिवसेना ने शुक्रवार को दावा किया कि नरेन्द्र मोदी नेतृत्व वाली भाजपा सरकार केवल हिन्दू वोटों के समर्थन से ही सत्ता में आई और बहुसंख्यक समुदाय को एकजुट करने का बुनियादी काम उसके दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे ने किया था।
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में कहा गया है कि हर दिन गुजरने के साथ देश के सामने मौजूद सवाल और गंभीर होते जा रहे हैं। मोदी सरकार केवल हिन्दू वोटों के समर्थन से ही सत्ता में आ पाई।> > ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया है कि लेकिन, देश के हिन्दू अब हिन्दू के तौर पर एकजुट होकर वोट करें इसका विचार सबसे पहले बाला साहेब ठाकरे ने ही दिया था। उस समय जो चिंगारी प्रज्वलित हुई थी उससे मोदी शुक्रवार को दिल्ली की सत्ता में आ पाए।
मराठी और क्षेत्रीय अस्मिता को बढ़ावा देने के लिए मुंबई में 19 जून 1966 को अस्तित्व में आई पार्टी शुक्रवार को अपने गोल्डन जुबली वर्ष में प्रवेश कर गई।

पिछले 50 साल में भगवा पार्टी की यात्रा उथल-पुथल और कठिनाइयों से भरी होने का उल्लेख करते हुए संपादकीय में कहा गया है कि पार्टी सभी दुश्वारियों से निजात पाने में कामयाब रही और महाराष्ट्र तथा देश की राजनीति में अपनी पहचान बनाई।

संपादकीय में कहा गया है कि शिवसेना के पास न पैसे की शक्ति थी, न ही पूंजीपतियों का समर्थन। राज्य की राजनीति में पैसे का प्रभाव आज भी है लेकिन शिवेसना पैसे की राजनीति तोड़ने में कामयाब रही और कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी।

मुखपत्र में कहा गया है कि एक बात जो बाल ठाकरे को हमेशा परेशान करती थी वह यह थी कि देश एक राष्ट्र के तौर पर खड़ा नहीं हो पा रहा है, उसके पास एक मजबूत सरकार, एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री और भविष्यदृष्टा नेता नहीं है।

शिवसेना ने कहा है कि वह अल्पावधि के फायदों को नहीं देखती बल्कि हमेशा दीर्घावधि में देश के भविष्य पर फोकस करती रही है।

संपादकीय में कहा गया है कि यही वजह है कि शुरुआत में जो लोग शिवसेना का विरोध कर रहे थे, बाद में इसके सबसे बड़े समर्थक बन गए और अब सभी विषमताओं से निजात पाने के लिए पार्टी की मदद कर रहे हैं। (भाषा)



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