सहारनपुर पटाखा फैक्ट्री में बड़ा हादसा, विस्फोट में 2 कारीगरों की मौत, 2 मजदूर लापता, जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के चलते दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि दो मजदूर अभी तक लापता है, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यहां घटना गंगोह थाना क्षेत्र के नया गांव (बसी कुंडा) में चल रही एक पटाखा फैक्ट्री में शुक्रवार शाम को हुई। फैक्ट्री में धमाका इतना तीव्र था कि दूर-दराज तक सुनाई दिया। फैक्ट्री का एक हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया और मलबा दूर-दूर तक फैल गया। राहत एवं बचाव दल देर शाम तक मलबा हटाकर लापता लोगों की तलाश में जुटे रहे।
मिली जानकारी के मुताबिक हसन अली नाम का शख्स इस पटाखा फैक्ट्री को संचालित पटाखा फैक्ट्री को चला रहा था, हादसे के समय यहां करीब 23 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें कई प्रशिक्षित कारीगर मध्य प्रदेश से बुलाए गए थे। धमाका शाम करीब पांच बजे फैक्ट्री के एक हिस्से में अचानक विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग लग गई। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री की दीवारें और छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। एक कारीगर का शव मलबे से बरामद हुआ, जबकि दूसरे का शव फैक्ट्री से कुछ दूरी पर मिला। दोनों शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया था।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। इसके बाद पुलिस, दमकल विभाग, प्रशासन, फोरेंसिक टीम और विस्फोटक विशेषज्ञों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया और मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू की।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश निवासी दीपराज देवड़ा (20) और संदीप देवड़ा (22) के रूप में हुई है। वहीं आकाश रावत और लालू पिपराद अब भी लापता हैं। प्रशासन के अनुसार, विस्फोट के समय फैक्ट्री के प्रभावित हिस्से में केवल चार लोग मौजूद थे।
बताया जा रहा कि फैक्ट्री का लाइसेंस वर्ष 2028 तक वैध है। हालांकि, सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी जांच के लिए एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन मिलता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। करीब 10 बीघा क्षेत्र में फैली फैक्ट्री के प्रभावित हिस्से को फिलहाल सील कर दिया गया है। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच जारी है, जबकि लापता मजदूरों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
